जयपुरः सोशल मीडिया पर चर्चा में रहने वाले IIT बाबा उर्फ अभय सिंह को सोमवार को जयपुर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया. हालांकि जमानती अपराध होने के चलते मौके पर ही जमानत लेकर पुलिस ने अभय सिंह को हिदायत देकर छोड़ दिया. पुलिस ने बताया कि अभय सिंह पिछले दो दिन से जयपुर के रिद्धि-सिद्धि स्थित एक होटल में ठहरा हुआ था और पुलिस कंट्रोल रूम के जरिए मिली सूचना पर जब शिप्रा पथ पुलिस मौके पर पहुंची तब अभय सिंह के पास से मादक पदार्थ बरामद हुआ. जिस पर कानूनी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया.
डीसीपी साउथ दिगंत आनंद ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली की रिद्धि–सिद्धि स्थित होटल पार्क क्लासिक में अभय सिंह नामक एक व्यक्ति ठहरा हुआ है जो सोशल मीडिया पर लाइव आकर आत्महत्या का प्रयास करने की कोशिश या बात कर रहा है. जिस पर तुरंत शिप्रा पथ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जब अभय सिंह के कमरे में जाकर उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने गांजे का सेवन कर रखा है. यदि नशे में उसने इस तरह की कोई सूचना दी है तो उसे उसकी जानकारी नहीं है. पुलिस ने जब अभय सिंह की तलाशी ली तो उसके पास से 1.50 ग्राम गांजे की पुड़िया बरामद हुई. जिस पर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की और अभय सिंह को गिरफ्तार किया. वहीं जमानती अपराध होने पर मौके पर ही अभय सिंह द्वारा जमानती पेश किए जाने पर उसकी जमानत लेकर रिहा किया गया. पुलिस ने अभय सिंह को हिदायत देकर छोड़ दिया. फिलहाल एनडीपीएस एक्ट के तहत जो मामला दर्ज किया गया है उसकी जांच की जा रही है.
जो गांजा मेरे पास था वह प्रसाद थाः
वहीं पुलिस द्वारा जमानत पर रिहा किए जाने के बाद होटल से चेक आउट कर आईआईटी बाबा अभय सिंह बाहर निकले. जहां पर मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि किसी ने पुलिस को सूचना दी कि मेरे द्वारा सुसाइड करने का प्रयास किया जा रहा है, जिस पर पुलिस पहुंची लेकिन मेरे पास गांजा बरामद हुआ. जिस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस कार्रवाई करके वापस लौट गई. अभय सिंह ने कहा कि जो गांजा मेरे पास था वह प्रसाद था और महाकुंभ में भी बड़ी तादाद में लोग गांजे का सेवन कर रहे थे ऐसे में तो सभी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए.
NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्जः
पिछले कुछ दिनों से चर्चा में रहने वाले IIT बाबा अभय सिंह के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है. बाबा ने जब खुद को घिरा पाया तो मौके से निकलने में ही भलाई समझी. फिलहाल देखना होगा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत जो मुकदमा दर्ज किया गया है वह आगे जाकर बाबा के लिए कितनी परेशानी खड़ी करता है.
