ओवरलोड गाड़ियों से वसूली का वीडियो भरतपुर सांसद संजना जाटव ने SP संजीव नैन को भेजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर के बाहर दिनदहाड़े, खुलेआम पुलिस वाले वसूली कर रहे हैं। रिश्वत नहीं देने पर ड्राइवर्स के साथ मारपीट की जाती है। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वीडियो अलवर के खेड़ली का है। SP ने इस मामले की जांच कठूमर (अलवर) सीओ को सौंपी है।

सांसद के घर के बाहर खड़ी थीं गाड़ियां सांसद संजना जाटव ने बताया- मंगलवार रात करीब साढ़े 8 बजे घर (खेड़ली) पहुंची थी। घर के बाहर तूड़ी से भरे ओवरलोड वाहन खड़े थे। सामने एक पुलिस की जीप थी। पुलिसकर्मी ओवरलोड वाहन वालों से रिश्वत ले रहे थे। मैंने खुद अपनी आंखों से देखा। वीडियो बनवाया। यह सब देखने के बाद मैं पुलिस की जीप की तरफ जाने लगी। यह देखकर पुलिसकर्मी आगे निकल गए। बाद में ट्रक ड्राइवरों ने बताया कि उनसे पैसे लिए जाते हैं। वर्ना गाड़ी को बंद करने की धमकी दी जाती है। इसके बाद सांसद ने पीड़ित ड्राइवर्स से एक शिकायती पत्र लिया। इसे अलवर एसपी को भेजा। घटना का वीडियो भी एसपी को भेजा गया।
SP बोले- दोषी मिलने पर होगी कार्रवाई अलवर एसपी संजीव नैन ने कहा- सांसद जाटव का रात को फोन आया था। उनकी शिकायत थी कि पुलिसकर्मियों ने ओवलोड वाहनों से पैसे लिए हैं। इसके बारे में संबंधित पुलिसकर्मी से पता कराया। पुलिसकर्मी के अनुसार, उसने किसी से फोन पर बात की थी। ड्राइवर ने खुद का मोबाइल देकर बात कराई थी। फिर भी मामले की जांच डीएसपी कठूमर को सौंपी है। वे जांच करेंगे। दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

Photos में देखिए रिश्वत का खेल…



सबसे कम उम्र की सांसदों की लिस्ट में संजना का नाम देश में 18वीं लोकसभा के लिए चुने गए सांसदों में 4 महिलाएं सबसे कम उम्र की हैं। इनमें से एक नाम है संजना जाटव। संजना को भरतपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस ने मैदान में उतारा था। पूरे दमखम से चुनाव लड़ा और भाजपा के रामस्वरूप कोली को करीब 50 हजार वोट से हरा दिया।
18 साल की उम्र में शादी संजना की शादी अलवर जिले के कठूमर में रहने वाले कप्तान सिंह से हुई थी। तब संजना की उम्र महज 18 साल थी। संजना की राजनीति में एंट्री उनके ससुर हरभजन सिंह के कारण हुई। ससुर कॉन्ट्रैक्टर हैं। बड़े ससुर कमल सिंह सरपंच रह चुके हैं। इस तरह परिवार का राजनीति में हस्तक्षेप पहले से ही था। बड़े ससुर के कहने पर संजना ने 2021 में अलवर के वार्ड नंबर 29 से चुनाव लड़ने का फैसला किया। परिवार के पास पैसे नहीं थे। पति और ससुर ने मिलकर रुपए जुटाए और चुनाव लड़ाया। संजना ने निराश नहीं किया और जीत हासिल की थी।

राहुल और प्रियंका गांधी के कैम्पेन को संभाल चुकी हैं संजना ने राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो’ यात्रा और प्रियंका गांधी की ‘मैं भी लड़की हूं लड़ सकती हूं’ कैम्पेन में काफी एक्टिव होकर काम किया था। दोनों कैम्पेन में लोकल स्तर पर संजना ने पूरी जिम्मेदारी संभाली। प्रियंका गांधी के इस कैम्पेन में काफी युवतियों को जोड़ा। यहीं से वह प्रियंका गांधी की नजरों में आईं।
इसके बाद राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो’ यात्रा में संजना पहुंची। प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी। उनके नजदीकी बताते हैं कि इस मुलाकात के दौरान कांग्रेस महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह भी मौजूद थे।
प्रियंका गांधी ने संजना को लेकर भंवर जितेंद्र सिंह से कहा था कि इसे आगे बढ़ाना है। तभी से वह कांग्रेस लीडरशिप की नजरों में आईं।
चुनाव लड़ने के लिए पैसे नहीं थे, पति और ससुर ने जैसे-तैसे जुटाए लोकसभा चुनाव जीतने के बाद संजना जाटव ने बताया था- ग्रेजुएशन करते ही उनकी शादी हो गई थी। पीहर भरतपुर के भुसावर कस्बे में है। पति कप्तान सिंह 2012 से राजस्थान पुलिस में हैं। पढ़ाई से लेकर राजनीति के इस सफर में पति हमेशा साथ रहे।
लोकसभा चुनाव लड़ने की जब बात आई तो हमारे पास ज्यादा रुपए नहीं थे। पति ने जैसे-तैसे रुपए जुटाए और चुनाव लड़ाया। यहां तक कि उन्होंने अपनी सारी जमा पूंजी मेरे चुनाव पर खर्च कर दी।
