कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने बताया कि जयपुर में एक कारोबारी को जेल से एक गैंग ने 2 करोड़ रुपए की फिरोती के लिए फोन किया। पीड़ित सुरक्षा की गुहार लेकर बार-बार पुलिस के चक्कर लगाता रहा। वह तीन बार पुलिस से गुहार लगाने गया। तीसरी बार में पुलिस ने वेरिफाई किया तो धमकी वाला एक गैंग का निकला। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित को सुरक्षा दी, लेकिन इसकी एवज में उसे 76 लाख 17 हजार रुपए का बिल थमा दिया। साथ ही कहा गया कि अगर, हमसे जानमाल की सुरक्षा चाहते हैं तो सरकार के खजाने में रुपए जमा करवाएं। इसके बाद विधानसभा में हंगामा शुरू हो गया।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने हस्तक्षेप करते हुए स्पीकर से कहा कि यह बहुत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि भरतपुर सांसद ने अपने घर के बाहर पुलिस की गाड़ी में रिश्वत लिए जाने का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर डाला है। जूली बोले कि यह मुख्यमंत्री और गृह मंत्री का जिला है। स्पीकर ने प्रतिपक्ष से बैठने के लिए कहा तो कांग्रेसी विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वैल में उतर गए। इसके बाद स्पीकर ने दोपहर एक बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद जूली ने बाहर आकर मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था की स्थिति यह है कि जेलों के अंदर से व्यापारियों को फोन आते हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी बात तो यह हो जाती है कि जेल के अंदर से तीन-तीन बार सीएम को कॉल आ जाता है। उन्होंने कहा कि हम स्पीकर से यही मांग कर रहे थे कि इस मुद्दे पर सरकार की तरफ से जवाब आना चाहिए। यही नहीं खुद सीएम के गृह जिले की सांसद ने कल एक वीडियो जारी कर अपने घर के बाहर पुलिस की अवैध वसूली के वीडियो जारी किए हैं।
