झुंझुनूं के वार्ड 53 नयाबास में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, एक 17 दिन की बच्ची का शव पानी की टंकी में मिला। बच्ची की हत्यारण मां ही निकली।
उसने परिजनों और पुलिस को गुमराह भी किया, लेकिन परिजनों के कड़ाई से पूछताछ करने पर वह टूट गई। उसने पुरी सच्चाई बता दी। इसके बाद पति की रिपोर्ट पर पत्नी के खिलाफ बेटी की हत्या करने का मामला दर्ज किया गया है। उसने पूछताछ में बताया कि वह दूसरी बेटी होने से ना खुश थी। इसलिए मौका मिलते ही उसने बेटी को पानी की होद में डाल दिया।
आरोपी महिला निशा उर्फ आचकी देवी दूसरी बार भी बेटी पैदा होने से नाराज थी। वह बेटा चाहती थी, लेकिन जब बेटी हुई, तो उसे मारने का घिनौना कदम उठा लिया।
कोतवाली थाना प्रभारी नारायणसिंह कविया ने बताया कि निशा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या निशा ने यह अपराध अकेले किया या कोई और भी इसमें शामिल था।
निशा ने झूठी कहानी गढ़ी
घटना के वक्त महिला घर पर अकेली थी, इसलिए शुरुआत से ही परिवार को उस पर शक था। पहले निशा ने झूठी कहानी गढ़ी और परिवार को गुमराह करने की कोशिश की कि कोई उसकी बेटी को उठा ले गया है। लेकिन जब हालात परिजनों को संदिग्ध लगे, तो उन्होंने सख्ती से पूछताछ की। आखिरकार, निशा ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
सुबह खेत गए थे परिजन, निशा ने रची झूठी साजिश
पुलिस के अनुसार, नयाबास निवासी पंकज सैनी के परिवार के सभी सदस्य रविवार सुबह खेत में सरसों की लावणी करने गए थे। घर पर सिर्फ उसकी पत्नी निशा उर्फ आचकी देवी, दो साल की बेटी नाहिरा और 17 दिन पहले जन्मी मासूम सोनिया थी।
सुबह करीब नौ बजे निशा ने अपने जेठ अनिल सैनी को फोन कर रोते हुए बताया कि सोनिया गायब है और कोई उसे उठाकर ले गया। यह सुनते ही परिवार के लोग घबराकर घर पहुंचे और सोनिया को ढूंढना शुरू किया। जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने घर के अंदर बनी पानी की होद का ढक्कन हटाकर देखा। वहां मासूम सोनिया पानी में तैरती मिली। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मां के गुनाह का खुलासा, सच उगलवाने के लिए परिजनों ने की सख्ती
शुरुआत में परिजनों ने इसे सामान्य दुर्घटना मानकर मर्ग रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस को घटनास्थल की स्थिति देखकर शक हुआ। जांच के दौरान सामने आया कि घटना के समय घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे निशा के ससुर रामप्रताप खेत जाते समय कुंदा लगाकर गए थे।
17 दिन की मासूम चारपाई से गिरकर अपने आप होद तक नहीं जा सकती थी।
होद का ढक्कन भी बंद था, जिससे कोई बाहरी व्यक्ति अंदर घुसकर बच्ची को पानी में नहीं डाल सकता था।
घर की चारदीवारी ऊंची थी, जिससे किसी बाहरी व्यक्ति का अंदर आना मुश्किल था।
जब परिजनों को शक हुआ, तो उन्होंने निशा से सख्ती से पूछताछ की। पहले वह झूठ बोलती रही, लेकिन जब उसकी नणद और अन्य रिश्तेदारों ने उसे घेरकर सवाल किए, तो वह टूट गई और उसने कबूल कर लिया कि उसने खुद अपनी बेटी को पानी की होद में डुबोकर मारा है।
इसके बाद पंकज सैनी ने पत्नी निशा उर्फ आचकी देवी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया।
बेटे की चाह में ली बेटी की जान
पूछताछ में निशा ने बताया कि वह बेटा चाहती थी, लेकिन लगातार दूसरी बार भी बेटी हो गई। इससे वह नाराज थी। उसने परिजनों से कहा—
“बेटा होना चाहिए था… ये क्यों आ गई?”
इसी सोच के कारण उसने 17 दिन की मासूम सोनिया को पानी की टंकी में डुबोकर मार डाला।
शादी के सात साल बाद लिया यह खौफनाक कदम
नयाबास निवासी पंकज सैनी और उसके भाई अनिल सैनी की शादी सात साल पहले सूरजगढ़ की दो बहनों से हुई थी।
पंकज सैनी के दो बेटियां थीं— दो साल की नाहिरा और 17 दिन की सोनिया।
अनिल सैनी का एक बेटा हिमांशु (5 साल) और एक बेटी हिमांशी (डेढ़ साल) है।
पंकज हलवाई का काम करता है और खेती भी करता है।
