लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से रोटेदा-मंडावरा लिंक सड़क के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। बीते दिनों नेशनल वाइल्डलाइफ बोर्ड की बैठक में इसे मंजूरी मिल गई है। लंबे समय से वन विभाग की स्वीकृति नहीं मिलने से सड़क निर्माण कार्य अटका हुआ था।
इस सड़क के शुरू होने से कापरेन और सुल्तानपुर की दूरी घट जाएगी। साथ ही बारां से बूंदी की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। वर्तमान में बारां से कापरेन, लाखेरी और नैनवां जाने के लिए कोटा होकर गुजरना पड़ता है। इस नए मार्ग के खुलने से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ कोटा, बूंदी और बारां के यात्रियों को भी लाभ मिलेगा। क्षेत्रवासियों ने इस निर्णय पर हर्ष व्यक्त करते हुए बिरला का आभार जताया है।
गौरतलब है कि यह मार्ग दूदू-नैनवां स्टेट हाईवे 37-ए को भी जोड़ता है। इस सड़क के निर्माण की मांग कई दशकों से की जा रही थी, लेकिन आम सहमति न बनने और इसका कुछ हिस्सा घड़ियाल अभयारण्य एवं वन विभाग की भूमि में होने के कारण कार्य रुका हुआ था। अब वन विभाग की आपत्तियां दूर हो जाने के बाद इस मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण संभव हो सकेगा।
गरड़दा सिंचाई परियोजना की नहरों के निर्माण का रास्ता साफ
इसके अलावा वाइल्ड लाइफ की बैठक में बूंदी के गरड़दा मध्य सिंचाई परियोजना के नहर निर्माण से संबंधित वन विभाग की सभी आपत्तियां समाप्त कर दी गई हैं। इससे अब परियोजना के शेष कार्य समय पर पूरे किए जा सकेंगे। जिससे क्षेत्र में जल प्रबंधन और कृषि विकास को नई गति मिलेगी। 424.70 करोड़ की लागत से विकसित की जा रही इस परियोजना के तहत बूंदी के 100 से अधिक गांवों में सिंचाई के लिए पानी व पेयजल सुनिश्चित हो सकेगा।
