Home » राजस्थान » जमीन से पानी निकालने पर पैसा वसूलेगी सरकार:बिना अनुमति ट्यूबवेल खोदने पर जेल और जुर्माना, आज पास होगा बिल

जमीन से पानी निकालने पर पैसा वसूलेगी सरकार:बिना अनुमति ट्यूबवेल खोदने पर जेल और जुर्माना, आज पास होगा बिल

प्रदेश में खेती को छोड़कर दूसरे कामों के लिए जमीन से पानी निकालने पर जल्द पैसा देना पड़ेगा। कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल काम के लिए पानी निकालने पर अब उसकी मात्रा के हिसाब से टैरिफ लगाया जाएगा।

डार्क जोन वाले इलाकों में जमीन से पानी निकालने पर रोक भी रहेगी। ऐसे इलाकों से बिना अनुमति पानी निकालने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान होगा।

राजस्थान सरकार इसके लिए राजस्थान भूजल (संरक्षण और प्रबंध) प्राधिकरण बिल लेकर आई है। यह बिल बुधवार को विधानसभा में बहस के बाद पारित किया जाएगा।

बिल में जमीन से पानी निकालने पर पाबंदियां लगाने और भूजल दोहन को रेगुलेट करने के प्रावधान होंगे।

बिल के अनुसार किसान खेती के काम के लिए ट्यूबवेल खुदवा सकेंगे।
बिल के अनुसार किसान खेती के काम के लिए ट्यूबवेल खुदवा सकेंगे।

खेती के काम के लिए कुएं-ट्यूबवेल से पानी निकाल सकेंगे इस बिल में खेती के काम के लिए जमीन से पानी निकालने पर कोई पाबंदी नहीं होगी। किसान खेती के काम के लिए ट्यूबवेल या कुआं खोदकर पानी का उपयोग कर सकेंगे। पहले इस बिल में किसानों के लिए भी ट्यूबवेल खोदने पर पाबंदियां थी।

इसका विरोध होने पर अगस्त 2024 में इस बिल को विधानसभा की प्रवर समिति (सिलेक्ट कमेटी) को सौंपा गया था। प्रवर समिति ने बिल में विवादास्पद प्रावधानों को हटाकर किसानों से पाबंदियां हटा दी। इसके बाद बिल को अब संशोधनों के साथ विधानसभा में लाया गया है।

बोरिंग रिंग का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा इस बिल के प्रावधानों के अनुसार ट्यूबवेल और कुएं खोदने वाली बोरिंग रिंग का रजिस्ट्रेशन भी करवाना होगा। इसके लिए भूजल प्रबंध प्राधिकरण के पास पावर होंगे।

प्राधिकरण बनेगा, तय करेगा टैरिफ जमीन से पानी निकालने को रेगुलेट करने और उस पर निगरानी के लिए राजस्थान भूजल (संरक्षण और प्रबंध) प्राधिकरण बनाने का प्रावधान किया है।

प्राधिकरण जमीन से पानी के दोहन को रेगुलेट करने के लिए डार्क जोन में ट्यूबवेल खोदने पर पाबंदियां लगा सकेगा।

खेती के काम के अलावा दूसरे कामों में भूजल के उपयोग पर उसकी मात्रा के हिसाब से पैसा लगेगा। इसका टैरिफ भी यह प्राधिकरण तय करेगा।

भूजल दोहन को कंट्रोल करने के साथ भूजल के हालात को देखते हुए पाबंदियां भी लगा सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और सजा भी तय करेगा।

भूजल संरक्षण और दोहन का बैलेंस करते हुए प्लानिंग करेगा। भूजल विभाग की प्लानिंग का भी रिव्यू करेगा।

विधायक भी होंगे मेंबर प्राधिकरण में अध्यक्ष और मेंबर होंगे। इसमें 2 विधायक भी मेंबर होंगे। पहले विधायक इसके मेंबर नहीं थे, लेकिन अब संशोधित बिल में विधायकों को शामिल किया है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

0
0

RELATED LATEST NEWS

7k Network

Top Headlines

भाजपा का वर्तमान स्वरूप कार्यकर्ताओं के त्याग,तपस्या और बलिदान का परिणाम:राजेंद्र गहलोत

जयपुर(सुनील शर्मा) भाजपा जयपुर शहर की ओर से भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस 6 से 13 अप्रैल तक मनाया