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मुहाना मंडी में पार्किंग को लेकर हंगामा:व्यापारियों ने किया मंडी सचिव का घेराव, पार्किंग ठेके में गड़बड़ी का आरोप

मुहाना मंडी में पार्किंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। व्यापारियों ने मंडी प्रशासन पर मनमाने तरीके से ठेका देने और अवैध वसूली का आरोप लगाया है। गुरुवार को व्यापारियों ने मंडी सचिव का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान व्यापारियों और मंडी प्रशासन के बीच तीखी बहस भी हुई।

व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बुधवार रात से मंडी में आने वाले हर वाहन से अचानक पार्किंग शुल्क वसूला जाने लगा, जबकि इससे पहले ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। व्यापारियों का कहना है कि मंडी प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के मनमाने तरीके से ठेका दे दिया और व्यापारियों से जबरन शुल्क वसूला जा रहा है।

मंडी में विरोध के बढ़ते स्वर को देखते हुए ठेकेदार को मौके पर बुलाया गया और व्यापारियों की आपत्ति के बाद सचिव ने उसे निर्देश दिए कि किसी भी व्यापारी से पार्किंग शुल्क न लिया जाए। केवल बाहरी वाहनों से ही शुल्क लिया जाएगा। इसके बावजूद व्यापारियों ने नाराजगी जताई और पूरी पार्किंग व्यवस्था को खत्म करने की मांग की।

मुहाना मंडी के प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने मंडी सचिव के चैंबर में पहुंचकर विरोध जताया
मुहाना मंडी के प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने मंडी सचिव के चैंबर में पहुंचकर विरोध जताया

व्यापारियों का विरोध: ठेका गुपचुप तरीके से दिया गया

फल-सब्जी थोक विक्रेता महासंघ मुहाना मंडी के अध्यक्ष योगेश तंवर ने बताया- कुछ दिन पहले मंडी समिति ने इस पर चर्चा की थी, लेकिन महासंघ की सहमति नहीं बनी थी। इसके बावजूद गुपचुप तरीके से रातों-रात पार्किंग शुल्क वसूलना शुरू कर दिया गया। व्यापारियों की सहमति के बिना यह कदम उठाया गया, इसलिए हम इसका विरोध कर रहे हैं। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले दिनों में हम मंडी में व्यापार बंद करेंगे।

फल-फ्रूट मंडी के अध्यक्ष गोविंद चेलानी ने मंडी की अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया- मंडी में मूलभूत सुविधाएं पूरी नहीं हैं। टॉयलेट बंद हैं, सड़कें टूटी हुई हैं, नालियां जाम हैं। बारिश में पानी दुकानों में भर जाता है। इन समस्याओं को हल करने की बजाय मंडी समिति ने मनमाने तरीके से पार्किंग लागू कर दी। मंडी में आने वाले व्यापारी थोक विक्रेता हैं, यहां लोडिंग-अनलोडिंग होती है। ऐसे में कोई भी व्यापारी पार्किंग में जाकर सामान लोड नहीं करेगा।

मंडी में व्यापारी हर दिन लाखों रुपए का लेन-देन करते हैं। अगर उन्हें हाथ में पैसा लेकर पार्किंग तक जाना पड़े तो यह सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक हो सकता है। मंडी में जगह की कोई कमी नहीं है। हमें पार्किंग की जरूरत भी नहीं है। यह ठेका सिर्फ निजी स्वार्थ के लिए दिया गया है। इसका हम विरोध करेंगे।

आलू-प्याज मंडी विक्रेता संघ के मदन शर्मा ने कहा- मंडी समिति ने व्यापारियों के किसी भी संघ को बिना बताए पार्किंग का टेंडर कर दिया। टेंडर की प्रक्रिया भी पारदर्शी नहीं थी। अचानक से बुधवार रात से एंट्री शुल्क लेना शुरू कर दिया गया। इससे सभी व्यापारी आक्रोशित हैं। मंडी महासंघ के पदाधिकारियों ने गुरुवार को मंडी सचिव से मिलकर कड़ी आपत्ति जताई है। ठेके को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

मंडी सचिव ने कहा- ठेकेदार ने मनमानी की, कार्रवाई होगी

मंडी सचिव मोहनलाल जाट ने बताया- मंडी में पहले से कोई पार्किंग व्यवस्था नहीं थी। इसे व्यवस्थित करने के लिए टेंडर जारी किया गया था, जिसमें सिर्फ एक ही ठेकेदार ने भाग लिया। उसे 40 लाख रुपए सालाना के हिसाब से ठेका दिया गया है। इससे मंडी समिति को अतिरिक्त आय होगी।

हालांकि, ठेकेदार को नियमों के तहत काम करना था, लेकिन उसने वर्क ऑर्डर जारी होते ही शुल्क वसूली शुरू कर दी, जो गलत था। हमने उसे स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि व्यापारियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाए। अगर वह मनमानी करता है तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

मांगें नहीं मानी गईं तो होगा बड़ा आंदोलन

व्यापारियों का कहना है कि यदि मंडी समिति ने जल्द से जल्द ठेका निरस्त नहीं किया तो वे बड़े आंदोलन की तैयारी करेंगे। महासंघ के पदाधिकारियों ने साफ कर दिया है कि वे जब तक यह ठेका पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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