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चोरी हुई स्कॉर्पियो 820 किलोमीटर पीछा कर खुद ढूंढी:तस्कर को पकड़ा तो बोला-छोड़ दो 5 लाख दूंगा; पुलिस की मदद से 2 बदमाशों को दबोचा

जयपुर से चोरी हुई स्कॉर्पियो को किराए पर देने वाला बिजनेसमैन और मालिक खुद ढूंढ कर ले आए। चोरी हुई स्कॉर्पियो जीपीएस ट्रैकर की मदद से 820 किलोमीटर दूर भीलवाड़ा के आसींद में मिली। जो मादक पदार्थ तस्कर को बेच दी गई थी।

रेंटल कंपनी का मालिक और कार ओनर चोरी हुई गाड़ी के साथ तस्कर को भी पकड़कर जयपुर ले आए। पीड़ित ने सदर थाने में FIR दर्ज करवाई और चोरी हुई गाड़ी और तस्कर को पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद पुलिस ने कार मालिक की मदद से कार्रवाई करते हुए 2 और बदमाशों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने रविवार शाम पूरे मामले का खुलासा किया।

कार रेंटल के ऑफिस पहुंचा हरेंद्र सिंह (काली टी शर्ट में)।
कार रेंटल के ऑफिस पहुंचा हरेंद्र सिंह (काली टी शर्ट में)।

फोन पर मंगवाई स्कॉर्पियो की फोटो जयपुर के सदर थाने में आमेर के कुण्डलाव कॉलोनी निवासी कुलदीप सिंह राठौड़ (34) ने FIR दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया कि रेलवे मेट्रो स्टेशन के पास उनका रेंटल कार का ऑफिस है। वह साल 2020 से किराए पर गाड़ियां देने का बिजनेस करते हैं।

16 मार्च को सुबह करीब 11:30 बजे उनके पास एक युवक ने कॉल किया। युवक ने स्कॉर्पियो-एन किराए पर लेने की बात कही और फोटो वॉट्सऐप करने के लिए कहा। फोटो भेजने के करीब 15 मिनट बाद विवेक नगर किसान कॉलोनी झुंझुनूं निवासी हरेंद्र सिंह राठौड़ नाम के युवक का कॉल आया। उसने कहा- स्कॉर्पियो किराए पर लेकर अपने गांव झुंझुनूं जाएगा। इस पर मैंने स्कॉर्पियो देने से मना कर दिया।

दोस्त के साथ ऑफिस आकर ले गया स्कॉर्पियो कुलदीप ने बताया- किराए पर स्कॉर्पियो देने से मना करने के बाद भी हरेंद्र सिंह मिलकर बातचीत करने के लिए दबाव बनाता रहा। 16 मार्च को दोपहर करीब 3:15 बजे हरेंद्र अपने दोस्त के साथ ऑफिस आया और स्कॉर्पियो किराए पर देने की जिद करने लगा। हरेंद्र ने कॉन्टैक्ट नंबर के साथ आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस शेयर किए। विश्वास में लेकर 24 घंटे के लिए स्कॉर्पियो-एन 6 हजार रुपए में किराए पर ली और 5 हजार रुपए एडवांस जमा करवा दिए।

स्कॉर्पियो लेकर निकला, मांगता रहा लोकेशन बिजनेसमैन ने बताया- हरेंद्र सिंह किराए पर स्कॉर्पियो लेकर ऑफिस से निकल गया। 16 मार्च की रात करीब 7:30 बजे हरेंद्र ने कॉल कर कहा- मेरा दोस्त शराब के नशे में स्कॉर्पियो लेकर गया है। गाड़ी की जीपीएस लोकेशन देखकर बताना कहां है। हरेंद्र को उसकी करंट लोकेशन भेजने पर ही गाड़ी की लोकेशन बताने के लिए कहा। हरेंद्र ने अपनी करंट लोकेशन शेयर कर दी। स्कॉर्पियो और हरेंद्र के बीच करीब 15 किलोमीटर की दूरी थी।

कुलदीप ने बताया- हरेंद्र की बात सही मानते हुए स्कॉर्पियो सहित दोस्त को ढूंढने के लिए जीपीएस की एक घंटे की एक्सेस दे दी। हरेंद्र ने रात करीब 8:30 बजे दोबारा कॉल कर स्कॉर्पियो की लोकेशन मांगी। दोस्त को ढूंढ नहीं पाने की बात कहने पर 8 घंटे की जीपीएस एक्सेस हरेंद्र को दे दी।

आरोपी हरेंद्र ने कार किराए पर लेने के दौरान अपना आधार कार्ड और लाइसेंस जमा करवाए।
आरोपी हरेंद्र ने कार किराए पर लेने के दौरान अपना आधार कार्ड और लाइसेंस जमा करवाए।

जीपीएस के बारे में मांगी जानकारी पीड़ित ने बताया- हरेंद्र ने 16 मार्च की रात करीब 10:30 बजे कॉल कर कहा कि लोकेशन पता नहीं चल रही है। नेटवर्क क्षेत्र में नहीं होने के कारण लोकेशन नहीं मिल रही थी। इसके बाद रात 11:23 बजे जीपीएस बंद हो गया। इसकी लास्ट लोकेशन बुटाटी धाम के पास नागौर में मिली। शक होने पर हरेंद्र को फोन कर स्कॉर्पियो के बारे में पूछा तो उसने स्कॉर्पियो की जानकारी नहीं होने की बात कही। उसने कहा कि गाड़ी में कोई दूसरा जीपीएस है तो बताओ। दूसरा जीपीएस होने की मना करने पर हरेंद्र ने स्कॉर्पियो खुद ढूंढ लाने की बात कहकर कॉल काट दिया।

ऑनर और पार्टनर को साथ लेकर गाड़ी ढूंढने निकला कुलदीप ने बताया- उसने हरेंद्र को गाड़ी के लिए कॉल किया तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। स्कॉर्पियो चोरी होने का शक होने पर अपने पार्टनर मुकेश और स्कॉर्पियो मालिक राकेश को मिलने बुलाया। इसके बाद 16 मार्च को रात करीब 12:15 बजे बोलेरो लेकर स्कॉर्पियो को ढूंढने निकले। तीनों ने स्कॉर्पियो में लगे पर्सनल जीपीएस ट्रैकर से पीछा करना शुरू किया। बुटाटी धाम से पुष्कर, पुष्कर से ब्यावर, ब्यावर से भीम, भीम से भीलवाड़ा तक रात भर करीब 820 KM स्कॉर्पियो का पीछा करते रहे। भीलवाड़ा के आसींद में श्रीबालाजी होटल एंड रेस्टोरेंट के बाहर स्कॉर्पियो की लोकेशन मिली। सुबह करीब 5 बजे लोकेशन के आधार पर तीनों चोरी हुई स्कॉर्पियो तक पहुंच गए।

हाथापाई होने पर साथी भागा, तस्कर को पकड़ा पीड़ित कुलदीप सिंह ने बताया- स्कॉर्पियो से करीब 50 मीटर पहले उन्होंने अपनी बोलेरो रोकी और स्कॉर्पियो के पास जाकर बदमाशों की स्थिति देखी, लेकिन कोई दिखाई नहीं दिया। स्कॉर्पियो की आगे-पीछे की नंबर प्लेट भी हटाई हुई थी। दूसरी चाबी से स्कॉर्पियों को स्टार्ट कर ले जाने के लिए बोलेरो को ड्राइवर गेट के पास लाकर खड़ी कर दी। इस दौरान होटल के बाथरूम से बदमाश ने हमें स्कॉर्पियो की तरफ आते देख लिया। उसने शोर मचाया और भागने लगा। शोर सुनकर स्कॉर्पियो में पीछे की सीट पर सोया बदमाश उठा और ड्राइवर सीट पर बैठकर गाड़ी स्टार्ट करने लगा। इसी दौरान मैंने चाबी निकाली तो बदमाश से हाथापाई हो गई।

तस्करी के लिए 5 लाख में खरीदी स्कॉर्पियो मारपीट के बाद स्कॉर्पियो के अंदर बैठे बदमाश को पकड़ लिया, जबकि दूसरा साथी भाग निकला। इसके बाद स्कॉर्पियो के साथ ही बदमाश को लेकर जयपुर के लिए रवाना हो गए। करीब 25 KM दूरी पार करने के बाद स्कॉर्पियो को चेक किया तो उसमें करीब 250-250 ग्राम के 30-40 पत्थर रखे मिले। कंपनी का जीपीएस ट्रैकर, फास्टैग और नंबर प्लेट गायब थे। पूछताछ करने पर बदमाश ने बताया- उसका नाम श्रवण विश्नोई है और डेगाना (नागौर) का रहने वाला है। उसने चित्तौड़गढ़ से भीलवाड़ा डोडा-चूरा की तस्करी करने लिए 5 लाख रुपए में नागौर से स्कॉर्पियो खरीदी है। बेचने वाले ने 5 लाख रुपए कैश लिए हैं।

तस्कर के मोबाइल में मिली स्कॉर्पियो की फोटो कुलदीप सिंह ने बताया- किराए पर स्कॉर्पियो लेने के लिए उससे वॉट्सऐप पर जो फोटो मंगवाई गई थी, वहीं फोटो 10 मिनट बाद ही तस्कर श्रवण विश्नोई के वॉट्सऐप पर भेजी गई थी। तस्कर का मोबाइल चेक करने पर स्कॉर्पियो की फोटो मिली, जिसकी नंबर प्लेट कलर कर भेजी हुई थी। पकड़े गए तस्कर श्रवण ने छोड़ने के एवज में 5 लाख रुपए देने का ऑफर तक दिया। चोरी हुई स्कॉर्पियो सहित तस्कर को पकड़कर जयपुर लाए और सदर थाना पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद सदर थाने में हरेंद्र सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करवाई।

किडनैप की शिकायत लेकर पहुंचा साथी तस्कर कुलदीप ने बताया- 17 मार्च को दोपहर करीब 1:30 बजे तस्कर श्रवण का साथी प्रकाश भीलवाड़ा के आसींद थाने पहुंचा और होटल के बाहर से दोस्त के किडनैप होने की शिकायत दी। स्कॉर्पियो में मिले सर्विस बिल के आधार पर रजिस्ट्रेशन नंबर भी बताए। होटल में लगे CCTV फुटेज के आधार पर आसींद पुलिस ने जांच की। स्कॉर्पियो के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर ऑनर को कॉल किया और किडनैपिंग के बारे में जानकारी ली। जयपुर पुलिस से बात होने पर आसींद थाना पुलिस ने तस्कर श्रवण के साथी प्रकाश को भी पकड़ लिया।

पुलिस और दोस्तों के साथ मिलकर मुख्य आरोपी को पकड़ा पीड़ित ने बताया- पुलिस ने धोखे से स्कॉर्पियो चोरी करने वाले हरेंद्र सिंह की लोकेशन के आधार पर तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद भी हरेंद्र पुलिस के हाथ नहीं लगा। इसके बाद उसने हरेंद्र को कॉल कर स्कॉर्पियो लाने में लगे खर्च के रुपए देने के लिए कहा तो उसने शाम को मिलने बुलाया। दोपहर में मिलने की कहने पर उसने वीटी रोड पर नैक्सा शोरूम से बोलेरो खरीदने जाने की बात कही। इस पर उसने अपने दोस्तों को शोरूम पर भेजकर जानकारी करवाई।

कुलदीप ने बताया- पुलिस की मदद करने की कहने पर शोरूम वालों ने बताया- तीन बोलेरो की डिलीवरी शाम 5 बजे होनी है। इस पर मैंने अपने 2 दोस्तों को शोरूम के बाहर बैठा दिया। शोरूम वर्कर्स से मदद मांगी कि संदिग्ध के आने पर इशारा कर दें और उसे थोड़ा बातों में उलझा लें। दोपहर करीब 1:30 बजे ब्लैक स्कॉर्पियो लेकर आरोपी हरेंद्र सिंह शोरूम पहुंचा। इशारा करने पर शोरुम वर्कर्स ने उसे डॉक्युमेंट को लेकर बातों में उलझा लिया। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और आरोपी हरेंद्र को पकड़ लिया।

सदर थाना पुलिस ने तस्कर श्रवण कुमार और हरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
सदर थाना पुलिस ने तस्कर श्रवण कुमार और हरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी हरेंद्र भी रेंटल कार का काम करता है डीसीपी (वेस्ट) अमित कुमार ने बताया- आरोपी श्रवण कुमार (46) पुत्र मोहन लाल निवासी डेगाना (नागौर) और हरेंद्र सिंह (33) पुत्र भगवान सिंह निवासी किसान कॉलोनी, झुंझुनूं हाल जगतपुरा प्रतापनगर (जयपुर) को अरेस्ट किया है। आरोपी श्रवण कुमार मादक पदार्थ तस्करी का काम करता है। इसके खिलाफ नागौर में डोडा चूरा तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। आरोपी हरेंद्र सिंह कार रेंटल का काम करता है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 25 मार्च तक रिमांड पर लिया है।

सौदा कर लेता रुपए, धोखा देकर लूट लेता वाहन SHO (सदर) बलवीर सिंह ने बताया- आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि हरेंद्र सिंह अपने साथियों के साथ मिलकर तस्करों को वाहन चोरी का होने की कहकर बेचता था। 16 मार्च को प्लानिंग के तहत हरेंद्र 2 स्कॉर्पियो को बेचने पहुंचा था। तस्करों से दो स्कॉर्पियो का सौदा 5-5 लाख रुपए में किया और कैश पेमेंट ले लिया।

प्लानिंग के तहत अपने साथियों के साथ मिलकर कुचामन बाइपास पर एक स्कॉर्पियो का पीछा कर छुड़ा ली, जबकि तस्कर श्रवण ने स्कॉर्पियो से जीपीएस हटा दिया, जिसके कारण पकड़ में नहीं आया। इस पर हरेंद्र ने तस्कर को बेची स्कॉर्पियो वापस लेने के लिए नागौर कंट्रोल रूम को स्कॉर्पियो चोरी की सूचना दी। नाकाबंदी में पकड़े जाने पर स्कॉर्पियो किराए पर होने की बताकर वापस ले लेता। सौदा करने वाला तस्कर उसके खिलाफ किसी प्रकार की शिकायत भी नहीं करवा पाता।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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