बाबा जयगुरुदेव महाराज के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी बाबा उमाकांत महाराज के निर्देश पर मुक्ति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर रविवार को जयपुर में विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया।
बाबा उमाकांत महाराज ने ऑनलाइन सत्संग में बताया कि यह दिवस आपातकाल समाप्त होने के बाद बाबा जयगुरुदेव महाराज की जेल से रिहाई की याद में मनाया जाता है। देशभर में सत्संगी इस दिन को विशेष महत्व देते हैं।

मुक्ति दिवस पर सभी श्रद्धालु दोपहर 3 बजे तक व्रत रखते हैं। इस दौरान सामूहिक सत्संग, ध्यान और भजन का आयोजन किया जाता है। जयपुर में आयोजित शोभायात्रा में हजारों की संख्या में सत्संगी शामिल हुए।
सभी श्रद्धालुओं ने गुलाबी वस्त्र और स्लोगन वाले चोगे पहने। उन्होंने हाथों में तख्तियां और जयगुरुदेव का झंडा लेकर शहर में घूम-घूमकर पर्चे बांटे।
यात्रा का मुख्य संदेश था – ‘हाथ जोड़कर विनय हमारी, तजो नशा बनो शाकाहारी’। इस तरह समाज में शाकाहार और नशामुक्ति का संदेश प्रसारित किया गया।

यह शोभायात्रा बताशे वालो की बगीची से आरम्भ होकर अल्बर्ट हॉल से, चौड़ा रास्ता, से त्रिपोलिया बाजार, बड़ी चौपड़ ,जोहरी बाजार से एमडी रोड से होते हुए बताशे वालो की बगीची पर समाप्त हुई l
वक्ताओं ने अपने संदेश में युवाओं को बढ़ते नशाखोरी से दूर रहने और चरित्रवान रहने को कहा जिससे उनका मन और तन दोनों ही निर्मल रहे।
यह शाकाहार एवं नशा मुक्त प्रचार जो कि 23 मार्च से प्रारंभ हुआ है 30 मार्च तक बराबर चलता रहेगा l इस अवसर पर संगत के सभी सत्संगी भाई बहन और जिम्मेदार लोग उपस्थित रहे ।
