सीकर के नीमकाथाना में दो जुड़वां बेटियों के हत्यारे पिता का पुलिस ने बाजार में जुलूस निकाला। जुलूस के दौरान आरोपी लोगों से माफी मांगता रहा। वह बोलता रहा कि मैं कंस आदमी हूं। मैंने गलत किया है। मुझे फांसी देनी चाहिए। मैं दुनिया में किसी को मुंह नहीं दिखा सकता। मैं बेकार आदमी हूं।
पुलिस ने बेटियों के हत्यारे पिता अशोक का रविवार को शाम 4:30 बजे जिला अस्पताल में मेडिकल कराया। उसके बाद अस्पताल से खेतड़ी मोड़ तक पैदल जुलूस निकाला। करीब 300 मीटर के पैदल जुलूस में हत्यारा अशोक लड़खड़ाते हुए चल रहा था। इसके बाद उसे नीमकाथाना के अवकाशकालीन कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस बोली- अन्य की भूमिका की जांच जारी कोतवाली थाने की सीआई सुनीता बॉयल ने कहा- पुलिस ने हत्यारे पिता अशोक यादव को 28 मार्च को गिरफ्तार किया था और 29 मार्च को कोर्ट में पेश कर 1 दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड पूरा होने पर रविवार को अवकाशकालीन कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी का शहर में जुलूस निकाला गया।
फर्श पर पटका था बेटियों का सिर दरअसल, 27 मार्च को वार्ड नंबर 31 निवासी अशोक ने अपनी 5 महीने की दो जुड़वां बेटी निधि और नव्या की हत्या कर दी थी। आरोपी दोपहर 1 बजे पत्नी अनीता के साथ दोनों बेटियों के जिला अस्पताल में टीका लगवाकर लाया था। 3 बजे घर वापस लौटने के बाद अनीता दोनों बेटियों को सुला रही थी।
अनीता ने बताया-अंदर जाते ही सास बनारसी ने ताने मारने शुरू कर दिए कि लड़कियां ही लड़कियां पैदा कर दीं। इनको कौन पालेगा? वंश कैसे आगे बढ़ेगा?’ मैंने कहा कि मेरी क्या गलती है? इतना कहकर मैं कमरे में चली गई और बेटियों को दूध पिलाने लगी। तभी अशोक कमरे में आ गया और चिल्लाया- रोज-रोज का झगड़ा तुम्हारी वजह से होता है। अगर तूने बेटा पैदा किया होता, तो ऐसा नहीं होता। आज मैं इन दोनों को ही खत्म कर देता हूं।
अनीता ने बताया-जब तक वह कुछ समझ पाती उससे पहले ही अशोक ने पहले निधि का पैर पकड़ा और उसका सिर फर्श पर दे मारा। इसके बाद जब वह बाहर भागी तो सास ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद अशोक ने नव्या को भी जमीन पर पटक दिया। इसके बाद घर से दो किलोमीटर दूर खाली प्लॉट में दोनों के शवों को दफना दिया था।
