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जयपुर में ईद पर चीफ काजी बोले-ईदगाह पर ध्यान दें:कहा- मुख्यमंत्री को ईद के मौके पर लोगों को ईदी देनी चाहिए

जयपुर के दिल्ली रोड स्थित ईदगाह में ईद उल फितर की सबसे बड़ी नमाज अदा की गई। चीफ काजी खालिद उस्मानी ने नमाज अदा करवाई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। चीफ काजी खालिद उस्मानी ने ईदगाह के रुके हुए विकास कार्य को पुनः शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा- भाजपा सरकार सबका साथ-सबका विकास का नारा देती है। लेकिन वास्तविक विकास नहीं कर रही है।

काजी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से ईदगाह के विकास कार्य पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री को ईद के मौके पर लोगों को ईदी देनी चाहिए। राजधानी में त्योहार के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

रफीक खान ने भी पिछली गहलोत सरकार की ओर से ईदगाह के विकास कार्यों के लिए करीब 10 करोड़ रुपए मंजूर करने के बाद मौजूदा सरकार पर राशि रोकने का आरोप लगाया।
रफीक खान ने भी पिछली गहलोत सरकार की ओर से ईदगाह के विकास कार्यों के लिए करीब 10 करोड़ रुपए मंजूर करने के बाद मौजूदा सरकार पर राशि रोकने का आरोप लगाया।

रफीक खान बोले बीजेपी सरकार ने रोका ईदगाह के विकास कार्यों का पैसा

रफीक खान ने भी पिछली गहलोत सरकार की ओर से ईदगाह के विकास कार्यों के लिए करीब 10 करोड़ रुपए मंजूर करने के बाद मौजूदा सरकार पर राशि रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- जब हमारी सरकार थी पांच साल तो आप खोले के हनुमान जी और रंगीला महादेव की तरफ जाओ आपको मेरे नाम के पत्थर लगे नजर आएंगे। इससे पता चलेगा मैंने इस काम का उद्घाटन करवाया, सड़कें बनवाई, रंगीला महादेव तक जाने के लिए रास्ता बनवाया, बोरिंग करवाया।

वहीं, हमने एक अदद काम पिछली गहलोत सरकार में मंजूर करवाया था। इस काम को बीजेपी सरकार ने आते ही रोक दिया। पिछली सरकार ने ईदगाह के विकास कार्यों के लिए 10 करोड़ 82 लाख स्वीकृत किए थे। इस सरकार ने गोविंद देवजी के विकास कार्यों के लिए स्वीकृत 100 करोड़ रोक दिए। हालांकि उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी कह रही है कि वह मेरा इंट्रेस्ट है मैं करवाऊंगी, यदि ऐसा है तो बहुत अच्छी बात है।

ईदगाह से ऐसा क्या प्रेम है, ईदगाह से ऐसी क्या शिकायत- रफीक खान

रफीक खान ने कहा- इस ईदगाह से ऐसा क्या प्रेम है, ईदगाह से ऐसी क्या शिकायत है। यहां 2 नमाज साल में अदा होती है, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को चाहिए कि इस मामले में संज्ञान लें और दिखाए बिखरे हुए सरिए और यहां पड़ी हुई रोड़ी तमाम चीजें इस बात को शो करती है कि काम बीच में रोक दिया गया।

उन्होंने कहा- सबका साथ सबका विकास की बात करने वाली सरकार को ईदगाह क्यों अखर रही है। मुख्यमंत्री इस मामले में संज्ञान ले और हमकों ईदी दें और मैसेज दे कि यह मेरी गलती नहीं है, प्रशासनिक कारणों से यह अटका है और मैं आज ही शुरू करवाता हूं।

ईदगाह में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज पढ़कर अल्लाह से शांति और खुशहाली की दुआएं की।
ईदगाह में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज पढ़कर अल्लाह से शांति और खुशहाली की दुआएं की।

सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ अमन-चैन कायम रखने का आह्वान

इससे पहले चीफ काजी ने कहा- मुस्लिम समाज 30 दिन के रोजे के बाद यह त्योहार मनाता है। इस्लामिक कैलेंडर में शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर मनाई जाती है। इस्लामिक मान्यता के अनुसार रमजान के अंत में पहली बार कुरान नाजिल हुई थी।

मक्का से मदीना प्रवास के बाद ईद-उल-फितर का उत्सव शुरू हुआ। पैगम्बर हजरत मुहम्मद ने बद्र की लड़ाई में विजय प्राप्त की थी। इस जीत की खुशी में सबका मुंह मीठा करवाया गया। तभी से इसे मीठी ईद के रूप में मनाया जाता है। चीफ काजी खालिद उस्मानी ने सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ अमन-चैन कायम रखने का आह्वान किया।

सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ अमन-चैन कायम रखने का आह्वान किया।
सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ अमन-चैन कायम रखने का आह्वान किया।

ईदगाह पर जयपुर की गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल कायम

ईद उल फितर के मौके पर सोमवार सुबह ईदगाह में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज पढ़कर अल्लाह से शांति और खुशहाली की दुआएं की। इस दौरान ईदगाह पर जयपुर की गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल कायम की गई। हिन्दू-मुस्लिम एकता सामाजिक समिति जयपुर की ओर से सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए ईदगाह पर नमाज अदा करने आए नमाजियों पर फूलों की बारिश की गई । समिति में शामिल हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों ने नमाजियों पर पुष्प वर्षा की।

ईदगाह पर छोटे-छोटे बच्चे भी नमाज अदा करने पहुंचे।
ईदगाह पर छोटे-छोटे बच्चे भी नमाज अदा करने पहुंचे।

वक्फ अमेंडमेंट एक्ट में किए जा रहे संशोधन का विरोध भी

वहीं ईदगाह पर नमाज के दौरान केंद्र सरकार की ओर से वक्फ अमेंडमेंट एक्ट में किए जा रहे संशोधन का विरोध भी दिखाई दिया। ईदगाह में ईद उल फितर की नमाज में मुस्लिम समाज के कई लोगों ने काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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