जयपुर के आराध्य गोविंद देवजी मंदिर में 1 अप्रैल 2025 से दर्शन के समय में बदलाव किया गया है। यह नया समय 30 जुलाई 2025 तक लागू रहेगा। मंदिर प्रशासन ने बताया कि परिस्थितियों के अनुसार समय में परिवर्तन संभव है। मंदिर में एकादशी और पूर्णिमा पर पुराने समय अनुसार ही दर्शन हाेंगे। इसके साथ ही आगामी दिनों में मंदिर में होनेवाले त्योहारों पर विशेष दर्शन और कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई है।
मंदिर प्रशासन ने दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं से पहनावे का ध्यान रखने की अपील की है। मंदिर प्रशासन के अनुसार मंदिर आने वाले श्रद्धालु भारतीय परंपरा अनुसार ही ड्रेस पहनकर मंदिर में प्रवेश करें। इसमें पुरूषों को धोती कुर्ता, पायजामा कुर्ता, पेन्ट शर्ट, जीन्स-टीशर्ट पहनने की अपील की गई है। वहीं, महिलाओं से साड़ी या सलवार सूट, पेन्ट शर्ट या जीन्स-टीशर्ट में आने की अपील की गई है।
दर्शन के नए समय
- मंगला झांकी: सुबह 5:00 से 5:15 बजे तक
- धूप झांकी: सुबह 7:45 से 9:00 बजे तक
- श्रृंगार झांकी: सुबह 9:30 से 10:15 बजे तक
- राजभोग झांकी: सुबह 10:45 से 11:15 बजे तक
- ग्वाल झांकी: शाम 5:00 से 5:15 बजे तक
- संध्या झांकी: शाम 5:45 से 6:45 बजे तक
- शयन झांकी: रात 8:00 से 8:15 बजे तक
एकादशी पर विशेष दर्शन समय
हर एकादशी और पूर्णिमा के दिन दर्शन का समय अलग रहेगा
- मंगला झांकी: सुबह 4:45 से 5:15 बजे तक
- धूप झांकी: सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक
- ग्वाल झांकी: शाम 4:45 से 5:15 बजे तक
- शयन झांकी: रात 7:45 से 8:15 बजे तक
त्योहारों पर विशेष दर्शन व्यवस्था
मंदिर में विभिन्न पर्वों पर विशेष दर्शन व्यवस्था की जाएगी, जिनमें हनुमान जयंती (12 अप्रैल), श्री राम नवमी (6 अप्रैल), निर्जला एकादशी (11 जून), देवशयनी एकादशी (5 जुलाई) और गुरु पूर्णिमा (27 जुलाई) जैसे प्रमुख पर्व शामिल हैं। मंदिर प्रशासन ने दर्शनार्थियों से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है। प्रवेश के दौरान बैग, कैमरा या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट लाने की अनुमति नहीं होगी।
