जयपुर में युवक ने अपनी गर्भवती पत्नी, विधवा चाची की हथौड़ा मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने हत्या के बाद खुद फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक ने अपने बेटे पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन वह बचकर बाहर भाग गया।
बच्चे के चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी दौड़कर आए तो उनको खून से सनी लाशें दिखी और युवक फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलने पर करधनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को मॉर्च्युरी में रखवाया है। घटना करधनी थाना इलाके की सोमवार (31 मार्च) शाम की है।

4 पॉइंट में समझिए पूरा घटनाक्रम…
1. आर्थिक तंगी और गृह क्लेश के कारण की वारदात सीआई सवाई सिंह ने बताया- पंकज कुमावत (36) बेनाड़ स्टेशन के पास पत्नी सुनीता कुमावत, विधवा चाची मधु कुमावत (55) और बेटे यांश (9) के साथ रहता था। पंकज का भतीजा हिमांक (9) भी इन दिनों घर पर आया था। आर्थिक तंगी और गृह क्लेश के चलते पंकज ने अपनी पत्नी और चाची की हथौड़ा मारकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद ने भी फंदा लगाकर जान दे दी।
2. पत्नी पर किया हथौड़े से वार, बेटा दौड़कर आया सीआई ने बताया- पंकज कुमावत फाइनेंस के काम के साथ ही ऑटो चलाता था। वह सोमवार को दोपहर करीब 2 बजे घर आया और सबसे पहले पत्नी सुनीता कुमावत (33) पर हथौड़े से हमला किया। सुनीता के चीखने की आवाज सुनकर पास के कमरे में टीवी देख रहा बेटा यांश कुमावत (9) भागकर आया तो वह फर्श पर गिरी पड़ी थी। आरोपी ने बच्चे पर भी हथौड़े से वार किया।
3. बच्चों ने घर से बाहर भागकर बचाई जान शोर होने पर पंकज की विधवा चाची मधु कुमावत (55) कमरे से बाहर आई। मधु ने यांश को पकड़कर पीछे किया तो पंकज ने चाची पर हथौड़े से वार कर दिया। मौका मिलने पर यांश और हिमांक घर से बाहर भाग गए और जोर-जोर से चिल्लाने लगे। बच्चों को चिल्लाता देख कर कॉलोनी के लोग दौड़ते हुए घर की तरफ आए। इसी दौरान पंकज ने कमरे में घुसकर फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया।
4. घर में बिखरा था खून ही खून पड़ोसियों ने घर में देखा तो फर्श पर खून ही खून बिखरा था और खून से सनी दो लाशें पड़ी थी, जबकि पंकज का शव फंदे से झूल रहा था। कॉलोनी के लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाया।
दो महीने की गर्भवती थी महिला कॉलोनी के लोगों ने पुलिस को बताया- मृतका सुनीता कुमावत 2 महीने की गर्भवती थी। कुछ दिनों पहले ही उसने कॉलोनी की महिलाओं को यह बात बताई थी। आरोपी कुछ समय से परेशान चल रहा था।
पंकज ने 2 साल पहले बनवाया था मकान पंकज के 2 भाई और हैं। पंकज ने करीब दो साल पहले ही यहां पर मकान बनाया था। उसके दोनों भाई मंगलम सिटी, हीरापुरा में रहते हैं। चाची मधु बारी-बारी से तीनों भाइयों के पास रहती थी। परिवार के लोग यांश को अपने साथ घर ले जाने लगे तो वह मम्मी-पापा से मिलने की जिद पर अड़ गया। ताऊ का परिवार और मौसी उसे संभाल रही है। दोनों बच्चे काफी डरे हुए हैं।
मोबाइल सीज, नहीं मिला सुसाइड नोट सीआई सवाई सिंह ने बताया- पुलिस और एफएसएल की टीम ने सबूत जुटाए हैं। पुलिस टीम को सर्च के दौरान कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मौके से आरोपी पंकज कुमावत, उसकी पत्नी और चाची के मोबाइल रिकवर कर सीज कर लिए हैं। मोबाइल की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सुबह मेडिकल बोर्ड से सभी का पोस्टमॉर्टम कर शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।
