कोटा में ईद पर घूमने निकले दो दोस्तों की मौत हो गई। कोटा मेगा हाईवे गुडली के पास रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने अज्ञात वाहन ने दोनों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि दोस्तों की बाइक के परखच्चे उड़ गए। घायल हालत में एमबीएस हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन रेजिडेंट की हड़ताल के कारण दोनों को समय पर इलाज नहीं मिला और मौत हो गई। हादसा कोटा मेगा हाईवे गुडली के पास सोमवार देर रात 11 बजे का है।
केशोरायपाटन थाना SI बालकृष्ण ने बताया- हादसे में केशवरायपाटन के वार्ड 20 निवासी नादिल और शाहिद की मौत हो गई है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर हड़ताल पर थे। इस कारण करीब डेढ़ घंटे तक दोनों बिना इलाज के एंबुलेंस में तड़पते रहे। एमबीएस हॉस्पिटल से निजी हॉस्पिटल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
रेजिडेंट की हड़ताल, डॉक्टरों ने इलाज नहीं किया
शाहिद के चचेरे भाई अमीर ने बताया- ईद पर सोमवार को शाहिद (21) और नादिल (20) केशोरायपाटन से बूंदी में मीरा साहब बाबा के मेले में दोपहर 3 बजे गए थे। रात लगभग 11 बजे वापस घर आते समय केशोरायपाटन रोड टोल टैक्स के आगे रिलायंस पेट्रोल पंप के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक (पल्सर) को टक्कर मार दी।
घायल हालत में दोनों को 108 एंबुलेंस से एमबीएस हॉस्पिटल ले जाया गया। हॉस्पिटल में रेजिडेंट डॉक्टर की हड़ताल चल रही थी। हम लगभग डेढ़ घंटे उनके इलाज के लिए मिन्नतें करते रहे लेकिन किसी भी डॉक्टर ने इलाज नहीं किया। इसके बाद प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
नादिल के चाचा हातिम ने कहा- सरकारी हॉस्पिटल के बाहर घायलों को लेकर डेढ़ घंटे तक खड़े रहे। इसके बाद निजी हॉस्पिटल लेकर गए। रेजिडेंट डॉक्टर को हड़ताल करनी थी तो करते, लेकिन मरीज को तो देखना चाहिए था। हमारे दो जवान बच्चे इलाज नहीं मिलने की वजह से अपनी जान दे बैठे।
परिजनों का आरोप गलत
एमबीएस हॉस्पिटल अधीक्षक धर्मराज मीणा ने बताया- एंबुलेंस में घायल हालत में शाहिद और नादिल को लाया गया था। मेडिकल ऑफिसर ने उनको चेक किया था। एक युवक की ईसीजी करवाई गई और सीपीआर भी दिया। परिजनों ने दूसरे युवक को निजी हॉस्पिटल में ले जाने की जिद की।
