Home » मनोरंजन » आसाराम की डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले खतरे में:डिस्कवरी चैनल की महिलाओं को दुष्कर्म की धमकियां; सुप्रीम कोर्ट का आदेश- 7 राज्यों की पुलिस सुरक्षा दे

आसाराम की डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले खतरे में:डिस्कवरी चैनल की महिलाओं को दुष्कर्म की धमकियां; सुप्रीम कोर्ट का आदेश- 7 राज्यों की पुलिस सुरक्षा दे

आसाराम के जिस ‘कल्ट ऑफ फियर’ की कहानी डिस्कवरी ने लोगों को दिखाई, उसे कर्मचारी खुद डरा हुआ महसूस कर रहे हैं। आसाराम समर्थकों के आतंक के चलते OTT प्लेटफॉर्म डिस्कवरी प्लस के कर्मचारी खौफ में जी रहे हैं। खौफ भी ऐसा कि 100 से ज्यादा कर्मचारी दफ्तर नहीं आ रहे हैं और घरों में कैद होकर रह गए हैं।

डिस्कवरी ने डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘कल्ट ऑफ फियर: आसाराम बापू’ बनाई है। जबसे यह रिलीज हुई, चैनल के कर्मचारियों को धमकियां मिल रही हैं।

कंपनी ने पुलिस में शिकायत की, मगर कार्रवाई नहीं हुई तो वह सुप्रीम कोर्ट पहुंची। दस्तावेज बताते हैं कि आसाराम समर्थक फिल्म को OTT प्लेटफॉर्म पर रुकवाने के लिए कई हथकंडे अपना रहे हैं।

डिस्कवरी कम्युनिकेशंस इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि कर्मचारियों का जीना दूभर हो गया है। चैनल ने कहा कि उसने सार्वजनिक रिकॉर्ड और अदालती गवाही के आधार पर डॉक्यूमेंट्री बनाई।

सुनवाई में CJI संजीव खन्ना की बेंच ने कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हरियाणा, तेलंगाना और तमिलनाडु की पुलिस को कर्मचारियों अंतरिम सुरक्षा देने का आदेश दिया है।

जारी करनी पड़ी एडवायजरी… सार्वजनिक तौर पर अपनी पहचान बताने से बचें

  • डिस्कवरी इंडिया ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि वे ऑफिस के बाहर कंपनी का आईडी कार्ड न टांगें।
  • सोशल मीडिया अकाउंट पर बायो से कुछ समय के लिए कंपनी का नाम हटा दें। अकेले यात्रा न करें।
  • सार्वजनिक जगहों पर आसाराम या कंपनी के बारे में चर्चा से परहेज करें।
  • सोशल मीडिया पर कंपनी संबंधी भद्दे कमेंट पर प्रतिक्रिया न दें।
  • धरने और रैली की जगह जाने से परहेज करें। आपात स्थिति में कंपनी के हेल्पलाइन नंबर पर फोन करें।

कल्ट ऑफ फियर: डॉक्यूमेंट्री हटाने का दबाव

  • दफ्तर का घेराव : डॉक्यूमेंट्री रिलीज होने के एक दिन बाद 30 जनवरी को आसाराम समर्थक मुंबई-पुणे स्थित ऑफिस में घुसने लगे और तोड़-फोड़ कर डॉक्यूमेंट्री हटाने को कहा। इसी दिन हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता के ऑफिस को भी पत्रों व ई-मेल के जरिये धमकियां दी गईं। 1 फरवरी को दिल्ली व गुरुग्राम के कर्मचारियों को धमकियां दीं। प्रदर्शन भी किया।
  • महिला कर्मचारियों को दुष्कर्म की धमकी: महिला कर्मचारियों को महिला समर्थकों ने रास्ते में रोक कर गालियां दीं। कहा, ‘तुमने बाबा पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। तुम्हें पता भी है दुष्कर्म कैसे होता है।’ खौफ से महिलाओं ने खुद को घरों में बंद किया।
  • घर तक पीछा, धमकाया: मुंबई के कर्मचारियों का पीछा करते हुए समर्थक उनके घर पहुंच गए। धमकाया कि वे दबाव डालकर डॉक्यूमेंट्री हटवाएं। मुंबई-पुणे के बहुत से कर्मचारियों ने घर से निकलना बंद कर दिया।
  • सोशल मीडिया पर स्टॉकिंग: तमाम हथकंडे विफल होने लगे तो समर्थकों ने सोशल मीडिया पर कर्मचारियों की स्टॉकिंग शुरू कर दी। हर उस कर्मचारी को टारगेट किया, जिसने बायो में कंपनी का नाम लिख रखा था।
  • सड़क पर दौड़ाकर मारने की धमकी: बेंगलुरु में कर्मचारियों को सड़क पर दौड़ाकर पीटने और जान से मारने की धमकियां दी गईं। उन्हें 48 घंटे में डॉक्यूमेंट्री हटाने को कहा।
Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

0
0

RELATED LATEST NEWS

Poola Jada

Top Headlines

व्हाट्सएप पर बॉस बनकर लगाई 5.30 करोड़ की चपत, राजस्थान पुलिस ने 17 साइबर ठगों को दबोचा

गैलेक्सी माइनिंग कंपनी के चेयरमैन की फोटो लगाकर अकाउंटेंट को किया गुमराह;कोटा,पाली,जोधपुर और बांसवाड़ा से हुई गिरफ्तारियां न्यूज इन राजस्थान