उत्तर भारत में पिछले दिनों हुई बर्फबारी का असर अब मैदानी राज्यों में दिखने लगा। मंगलवार को राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज सर्द हवा चली। इससे राजस्थान के कई शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। चूरू, गंगानगर, सीकर, हनुमानगढ़ में कल अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे दर्ज हुआ। देर शाम चली सर्द हवाओं से जयपुर, दौसा, अलवर, सीकर समेत कई शहरों में अचानक सर्दी तेज हो गई। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने आज और कल भी इन उत्तरी हवा के चलने और तापमान में गिरावट होने की संभावना जताई है। 7 मार्च से प्रदेश में फिर से तापमान में बढ़ोतरी होगी।
पिछले 24 घंटे के दौरान राजस्थान के सभी शहरों में मौसम साफ रहा और दिनभर धूप रही। दोपहर से राजस्थान के उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्वी जिलों में सर्द हवाएं चलने लगी। तेज हवाएं चलने से कई जगह धूल उड़ी और तापमान में भी गिरावट हुई। सबसे ज्यादा सीकर के फतेहपुर में तापमान कल के मुकाबले 8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज हुआ। कल फतेहपुर का अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस था, जो आज गिरकर 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
फतेहपुर के अलावा झुंझुनूं, माउंट आबू, नागौर, चूरू, बीकानेर, जोधपुर और सीकर में भी तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरा। कल सबसे दिन में अधिक तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस भीलवाड़ा में दर्ज हुआ। डूंगरपुर में अधिकतम तापमान 32.6, प्रतापगढ़ में 30.1 और धौलपुर में 29.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
जयपुर में बढ़ी सर्दी, शाम को हुई ठिठुरन
राजधानी जयपुर में कल दोपहर बाद से तेज सर्द हवाएं चलने लगी। हवा चलने से यहां सर्दी तेज हो गई और ठिठुरन बढ़ गई। शाम को लोगों को फिर से गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी। जयपुर में कल दिन का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सोमवार के मुकाबले 4 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा।
अब आगे क्या?
जयपुर मौसम विज्ञान केन्द्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- राजस्थान में अगले एक सप्ताह कोई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना नहीं है। इस कारण अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा। अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश भागों में तेज उत्तरी हवाएं चलेगी, जिनकी स्पीड 20-25 KM रहने की संभावना है। इसके प्रभाव से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री गिरावट होने की संभावना है। 7-8 मार्च से इन हवाओं का असर कम होगा और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होने लगेगी।
