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एनजीओ की आड़ में नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त:संचालक महिला, दो ग्राहकों सहित चार लोग गिरफ्तार, 10 से ज्यादा केस दर्ज

बस्सी| एनजीओ की आड़ में नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त के मामले में सोमवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई कर एक रैकेट का भंडाफोड किया। मामले में पुलिस ने एनजीओ संचालक महिला, 2 ग्राहकों सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया।

आरोपियों पर 3 थाना इलाकों में महिलाओं को शादी और नौकरी लगाने के नाम पर बेचने के 10 से अधिक मामले में दर्ज हैं। आरोपियों का नेटवर्क देशभर में फैला हुआ है। विशेषकर बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, यूपी में इनके गुर्गे सक्रिय हैं। जो जरूरतमंद बालिकाओं व महिलाओं के परिवारों को चिह्नित कर उन्हें बहला फुसला कर सौदा करते थे और फर्जी दस्तावेजों से उनका विवाह करा देते। कोई नाबालिग विरोध करती तो उससे मारपीट करते थे।

इस गोरखधंधे का मुख्य केन्द्र गायत्री विश्वकर्मा ही थी। उसके गुर्गे विवाह करने वाले लोगों को टटोलते। बाद में एजीओ सेंटर पर लाकर नाबालिग और अन्य महिलाओं का सौंदा करते। गायत्री महिलाओं के रंग रूप, कद के अनुसार रकम तय करती थी। गैंग का पर्दाफाश करने में थानाधिकारी अभिजीत पाटिल की भूमिका अहम रही। इन्होंने सूचना मिलने के साथ ही एसआई फूलबाई, कांस्टेबल राजेन्द्र व हरिराम के साथ तत्काल दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा। मंगलवार को सभी आरोपियों को यूपी पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

आरोपी नाबालिग लड़कियों को नशा देकर कराते थे सौदा

संचालक गायत्री विश्वकर्मा पहले कानोता में अपना एनजीओ चलाती थी। 8 साल से वह सुजानपुरा में एक लंबे चौड़े फार्म हाउस में अपनी गतिविधियों को अंजाम देने लगी। प्रारंभिक पड़ताल में आया कि उसने अब 1500 के करीब अवैध शादियां कराई हैं। नाबालिग का सौदा करते समय वे उसे नशे की हालत में रखते थे। नाबालिग का सौदा भी उन्होंने 2.50 लाख रुपए में किया, जबकि उसके परिवार को मामूली रकम दी। नाबालिग का विवाह कराने को लेकर वे उसके आधार सहित अन्य फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए। यहां नाबालिग का दूसरा विवाह कराने के लिए उस पर दबाव डाला। जब वह नहीं मानी तो उसके बुरी तरह पीटा। इससे वह मानसिक अवसाद में आ गई।

सलमा के सहयोग से बच निकली नाबालिग ने किया खुलासा

थानाधिकारी अभिजीत पाटिल ने बताया कि यूपी निवासी एक नाबालिग का सुजानपुरा रोड पर गायत्री सर्व समाज फाउंडेशन के माध्यम से करीब 16 दिन पहले विवाह कराया था। हाल ही तीन पूर्व उसका पति व तीन अन्य लोग बदहवास हालत में बालिका को एनजीओ पर छोड़ गए। यहां एनजीओ संचालक गायत्री विश्वकर्मा द्वारा नाबालिग का दूसरी जगह विवाह करने की बात पीड़िता ने सुन ली। यहां पहले से बंधक बनी सलमा ने उसको भागने में मदद की। सलमा की मदद से भागी नाबालिग बलराम गोशाला में पहुंची। जहां आप बीती बताते हुए पुलिस को सूचित किया।

इनको किया गिरफ्तार

पुलिस ने अलसुबह दबिश देकर एनजीओ संचालक गायत्री विश्वकर्मा प|ी रामोतार जांगिड़ (52) निवासी पार्षद नगर प्रेम नगर आगरा रोड, कोलवा दौसा निवासी हनुमान सिंह गुर्जर (32), ग्राहक नसीराबाद निवासी महेन्द्र मेघवंशी (45) व भगवानदास मेघवंशी (27) को पकड़ा। पुलिस ने महिला सलमा को मुक्त कराया। गुर्गे कोलकाता से नौकरी दिलाने के नाम पर जयपुर आए थे।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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