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घूसखोर ASP अलग-अलग धमकी देकर सरकारी विभागों से वसूली करता:अफसर दलाल को रुपए नहीं देता तो बोलता- मान जाओ नहीं तो सर्जिकल स्ट्राइक होगी

जयपुर एसीबी की टीम ने एसीबी के जयपुर मुख्यालय में तैनात एएसपी सुरेंद्र कुमार शर्मा और उनके 2 दलालों (रामराज और प्रदीप) को रिश्वत के मामले गिरफ्तार किया है। एसीबी ने तीनों के पास से 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

पिछले दो माह से दोनों दलाल एसीबी के रडार में थे। जो सवाई माधोपुर में वन विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस, आबकारी, शराब ठेकेदार, पीएचईडी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्रवाई का डर दिखा कर पैसा ले रहे थे। एसीबी जांच में सामने आया कि सभी दलाल अलग-अलग विभाग से अलग-अलग धमकी देकर वसूली कर रहे थे।

दलालों को सपोर्ट ऐसे करता, कहता- इनकी बात मानो, नहीं तो सर्जिकल स्ट्राइक

एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव ने बताया- दलालों के मांगने पर अगर कोई अधिकारी पैसे देने के लिए मना करता तो एएसपी सुरेंद्र धमकाता था। एएसपी दलाल के ही मोबाइल से उस अधिकारी को कॉल कर धमकी देते हुए कहता था कि इनकी बात मान जाओ नहीं तो सर्जिकल स्ट्राइक होगी। इससे अधिकारी डर जाते थे।

एएसपी सुरेंद्र कुमार शर्मा 6 मई को जयपुर मुख्यालय में लगाया गया।
एएसपी सुरेंद्र कुमार शर्मा 6 मई को जयपुर मुख्यालय में लगाया गया।

हर विभाग से वसूली के लिए अलग धमकी

एसीबी जांच में सामने आया कि सभी दलाल अलग-अलग विभाग से अलग-अलग धमकी देकर वसूली कर रहे थे।

  • वन विभाग: अधिकारियों और कर्मचारियों को कहा जाता था कि उनके क्षेत्र में अवैध खनन होने की खबर है। बहुत वसूली की जा रही है।
  • परिवहन विभाग: अधिकारियों और कर्मचारियों को धमकाते थे कि खनन के ओवरलोड वाहनों को पैसे लेकर पास किया जा रहा है।
  • पुलिस विभाग: अवैध खनन में लगे वाहनों को पैसे लेकर निकालने की धमकी पुलिस कर्मियों व अधिकारियों को दी जा रही थी।
  • शराब कारोबारी: इन्हें अवैध रूप से शराब की तस्करी में शामिल होने की धमकी देकर वसूली की जाती थी।

ऐसे पकड़ा गया एएसपी सुरेंद्र कुमार, दलाल होटल में दूसरी महिला के साथ मिला

एसीबी ने एएसपी सुरेंद्र कुमार शर्मा के खिलाफ रिश्वत का केस दर्ज कर कार्रवाई की। डीआईजी राजेश सिंह के नेतृत्व में आधा दर्जन टीमें बनी। दलाल प्रदीप पारीक के जयपुर आने की सूचना ​एसीबी को थी, लेकिन उसे कोई पहचानता नहीं था। ऐसे में एसीबी ने सोशल मीडिया खंगाला तो उसकी पत्नी के अकाउंट पर फोटो मिल गई। उसी फोटो के आधार पर सोमवार दोपहर 2 बजे प्रताप नगर के होटल में दबिश दी, लेकिन उस वक्त प्रदीप के साथ कोई और महिला थी। इसके पास से 11 लाख रुपए बरामद कए गए। बंटी ने पूछताछ में एसीबी को बताया कि पैसा एडिशनल एसपी सुरेन्द्र शर्मा को देना था।

दूसरी टीम ने शाम 5 बजे को मुख्य दलाल रामराज मीणा को सवाई माधोपुर से दो लाख रुपए के साथ पकड़ा।

जांच अधिकारी विशनाराम ने शाम 5 बजे एएसपी सुरेंद्र को एसीबी हैडक्वार्टर से पकड़ा। पूछताछ के बाद तीनों गिरफ्तार हुए। दलाल रामराज खुद बड़े अधिकारियों से वसूली लेता था। दलाल प्रदीप उर्फ बंटी परिवहन विभाग से वसूली करता था। बाकी विभागों से वसूली के लिए रखे दलालों की एसीबी तलाश कर रही है।

जयपुर के प्रताप नगर स्थित होटल। जहां से दलाल प्रदीप को गिरफ्तार किया गया।
जयपुर के प्रताप नगर स्थित होटल। जहां से दलाल प्रदीप को गिरफ्तार किया गया।

50 से अधिक सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों पर गिरेगी गाज

डीजी एसीबी रवि प्रकाश ने बताया- तीनों के खिलाफ दो माह में अलग-अलग विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से लेनदेन के सबूत मिले हैं। तीनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। जिन विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पैसा दिया है। उनके खिलाफ एक्शन शुरू कर दिया जाएगा। यह पहला मामला होगा, जब एसीबी इतने बड़े स्तर पर रिश्वत देने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन लेगी। रिश्वत देने वाले तीनों विभागों के करीब 50 अफसर संदेह के घेरे में है।

13 दिन पहले ही एसीबी मुख्यालय लगाया गया है

जांच में सामने आया कि सवाई माधोपुर में रहने के दौरान सुरेन्द्र शर्मा की कई शिकायत एसीबी मुख्यालय में आईं। इस के बाद डीजी ने उसे जयपुर अटैच कर दिया। 6 मई को सुरेन्द्र शर्मा को जयपुर मुख्यालय में लगाया गया। लेकिन सुरेन्द्र इस दौरान भी लगातार दलालों के सम्पर्क में था। पैसा लाने के लिए उन्हें कह रहा था। सुरेन्द्र शर्मा चाहता था कि वह मई माह की भी रिकवरी कर ले। इसलिए बार-बार दलालों से पैसा लाने के लिए बोल रहा था।

एसीबी ऑफिस में घूसखोरों के खिलाफ हुई ट्रेनिंग में मौजूद रहा था एएसपी सुरेंद्र कुमार शर्मा।
एसीबी ऑफिस में घूसखोरों के खिलाफ हुई ट्रेनिंग में मौजूद रहा था एएसपी सुरेंद्र कुमार शर्मा।

खुद अधिकारियों को घूस लेते पकड़ चुका एएसपी

आरोपी एएसपी सुरेंद्र कुमार शर्मा सवाई माधोपुर में एसीबी के ही दूसरे अधिकारी को घूस लेने के मामले में गिरफ्तार कर चुका है। 9 दिसम्बर 2020 को एसीबी मुख्यालय ने सवाई माधोपुर की एसीबी चौकी पर तैनात 1 डिप्टी एसपी भैरू लाल मीणा को 80 हजार रुपए की घूस लेते ट्रैप किया था। भैरूलाल के पास एडिशनल एसपी का भी चार्ज था। भैरू लाल भी एसीबी का डर दिखाकर अन्य विभाग के अधिकारियों से बंधी लेता था।

एसीबी का देर रात तक जयपुर,सवाई माधोपुर और भरतपुर में 6 जगहों पर चला सर्च

एसीबी के अधिकारियों को जांच के दौरान सवाई माधोपुर चौकी पर तैनात इंस्पेक्टर विवेक सोनी की भूमिका संदिग्ध लगी। विवेक सोनी सुरेन्द्र शर्मा के पैसे लेने सहित सभी कारनामों को जानता था, लेकिन उस के बाद भी सोनी ने मुख्यालय को इस की शिकायत नहीं की। इस पर डीजी एसीबी ने विवेक सोनी को एसीबी से हटा कर पुलिस में दोबारा भेज दिया हैं।

30 जून को है एडिशनल एसपी का रिटायरमेंट

एएसपी सुरेन्द्र कुमार शर्मा का 30 जून को रिटायरमेंट है। रिटायरमेंट के चार दिन बाद घर में बड़ा फंक्शन है। उसकी भी तैयारियां चल रही हैं। एसीबी के अधिकारी सोमवार शाम को जब सुरेन्द्र शर्मा के घर पहुंचे तो परिवार के लोग घर पर मौजूद थे। जिन्हें घर पर एकत्रित गर एसीबी की कार्रवाई की जानकारी दी गई। जिस के बाद एसीबी ने घर और अन्य जगहों पर सर्च किया।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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