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राजस्थान में 15 दिन की बारिश में भरे 21 बांध:रेगिस्तानी इलाकों में सबसे कम पानी बरसा; अब दो हफ्ते तक बरसात का अलर्ट

राजस्थान में इस बार सात दिन पहले आए मानसून ने महज 15 दिन में ही महीनेभर की बारिश का कोटा पूरा कर दिया है। जमकर हुई बारिश में प्रदेश के 21 बांध लबालब हो चुके हैं।

अभी भी बारिश का दौर थमा नहीं है। अगले 15 दिनों में प्रदेश के पांच संभाग (कोटा, उदयपुर, अजमेर, जयपुर और भरतपुर ) में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार जुलाई के पूरे महीने मानसून एक्टिव रहेगा।

फोटो जालोर जिले के सुंधा माता धाम का है। यहां तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद झरना चलने लगा था।

औसत से दोगुना ज्यादा पानी बरसा

मानसून सीजन के पहले महीने में 1 से 30 जून तक औसत से दोगुनी बारिश दर्ज की गई है। कुल 125.3MM बरसात दर्ज की गई है, जब​कि जून में औसत बरसात 55MM ही होती है। यानी इस बार जून के महीने में औसत से 128 फीसदी ज्यादा बरसात दर्ज हुई।

एक लंबे बाद जून के महीने में कोटा बैराज के गेट खोले गए। बीसलपुर बांध में भी त्रिवेणी नदी से पानी आता देखा गया। अब तक 21 बांध पुरी तरह भर चुके हैं। वहीं, 95 ऐसे बांध है, जो सूख चुके थे, वहां भी पानी की आवक हुई है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मानसून की दोनों ही ब्रांच (अरब सागर और बंगाल की खाड़ी) लगातार एक्टिव है, जिससे समय-समय पर सिस्टम बनने से राज्य में लगातार बरसात हो रही है। जून में भी दो बड़े सिस्टम बने ​थे, जिससे राज्य के दक्षिण-पूर्वी और पश्चिमी जिलों में अच्छी बरसात हुई थी।

जून में बीसलपुर बांध में पानी की आवक

सामान्यत: बीसलपुर बांध में पानी की आवक जुलाई से शुरू होती है, लेकिन लम्बे समय बाद ऐसा देखने को मिला, जब बांध में 16 जून से पानी आना शुरू हुआ, जो लगातार जारी है।

इस बीच त्रिवेणी नदी भी जून में ही बहने लगीं। चंबल नदी पर बना कोटा बैराज बांध से भी जून में इस बार दो गेट खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ी।

सबसे ज्यादा बारां जिले में बरसात

जिलेवार रिपोर्ट देखें तो जून माह में सबसे ज्यादा बरसात बारां जिले में हुई। यहां पूरे महीने में 390.4MM बरसात दर्ज की गई, जो यहां की औसत बरसात 101.7MM से 284 फीसदी ज्यादा रही।

बारां के बाद दूसरे नंबर पर बांसवाड़ा में 274.3MM बरसात हुई, यहां जो यहां की औसत बरसात 101.2MM से 171 फीसदी ज्यादा है।

चित्तौड़गढ़ जिले का है। तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद यहां घुटनों तक पानी भर गया था।

जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर में भी औसत से ज्यादा बरसात

राज्य में जून माह में जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर में भी इस सीजन औसत से ज्यादा बरसात हुई। जैसलमेर में पिछले महीने 37.7MM बरसात हुई, जो यहां की औसत बारिश 24.6MM से 53 फीसदी ज्यादा है।

जब​कि बाड़मेर में कुल बारिश 42.9MM हुई, जो यहां की औसत बरसात 33.7 से 27 फीसदी ज्यादा है। बीकानेर में 1 से 30 जून तक कुल 43.5MM बरसात हुई, जो यहां की औसत बरसात 42.7MM से 2 फीसदी ज्यादा है।

95 बांधों में आया पानी, 21 हुए फुल

लगातार हो रही बारिश से बीसलपुर ही नहीं कई छोटे-बड़े बांध हैं​, जिनका जलस्तर बढ़ा है। मानसून आने से पहले 692 बांधों में से केवल 7 बांध ही फुल थे, जब​कि 387 बांध ऐसे थे, जो बिल्कुल सूखे पड़े थे।

लेकिन मानसून आने के बाद अब 692 में से 28 बांध फुल हो गए। इनमें से 21 बांध जो महज 15 दिन की बारिश में ही फुल हो गए। इसके अलावा सूखे पड़े 95 बांध में पानी की आवक हुई है। हालांकि, अब भी राज्य में 292 बांध ऐसे हैं, जो पूरी तरह सूखे पड़े हैं।

कोटा संभाग में आस-पास हुई बारिश के बाद कोटा बैराज के गेट खोल पानी छोड़ा गया था।

जून में हुई बारिश से ब्यावर स्थिति नारायण सागर, बूंदी का रूनिजा, झालावाड़ का सारन खेड़ी, सरोला समेत अन्य ऐसे बांध है, जो सूखे थे और उनमें पानी आ गया है। बारां के गोपालपुरा बांध, उम्मेद सागर, अकलेरा सागर, कालीसोट, चतरपुरा, बिलास डेम, बूंदी का भीमलत, मानसून से पहले सूखे थे, लेकिन मानसून आने के बाद हुई तेज बारिश के बाद अब ये फुल हो गए।

अब आगे क्या?

मौसम केन्द्र जयपुर से जारी मौसम की भविष्यवाणी के अनुसार जुलाई माह के शुरूआती दो सप्ताह में बारिश होने की संभावना है। पहले सप्ताह में कोटा, उदयपुर संभाग और दूसरे सप्ताह में कोटा, उदयपुर, अजमेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के जिलों में भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है। वहीं जुलाई में इस बार औसत से ज्यादा बरसात होने की संभावना जताई है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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