नगरीय विकास,स्वायत्त शासन एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा एवं जयपुर विकास आयुक्त आनन्दी के मार्गदर्शन में जेडीए सचिव निशांत जैन की अध्यक्षता में बुधवार को जेडीए के मंथन सभागार में जेडीए के समस्त प्रकोष्ठों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
बैठक में डीटीएस,मुख्यमंत्री जनसुनवाई मॉनिटरिंग सिस्टम,लोकायुक्त,मानव अधिकार आयोग में लम्बित प्रकरणो को गुणात्मक से निस्तारित करने के निर्देश दिये।सम्पर्क पोर्टल एवं डीटीएस पर 60 दिवस की अवधि पार लम्बित प्रकरणो को गुणात्मक एवं संतोषप्रद रूप से निस्तारित करने के निर्देश दिये।
लाईट्स (कोर्ट कैसेज) के संबंध में विभिन्न माननीय न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की तथ्यात्मक रिपोर्ट तथा जवाब शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये।
बैठक में जेडीए सचिव द्वारा नागरिक सेवा केन्द्र के माध्यम से जविप्रा के ऑनलाईन पोर्टल पर नागरिकों को प्रदान की जाने वाली समस्त सेवाओं (जैसे लीजहोल्ड,नाम हस्तान्तरण,लीज मुक्ति प्रमाण पत्र तथा उप विभाजन/पुनर्गठन इत्यादि) के प्रकरणों का निस्तारण समय-सीमा में करने पर संतोष व्यक्त किया एवं आगे भी इसी तरह से निस्तारण करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने 90ए से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण भी समयबद्ध रूप से करने के निर्देश दिये।
बैठक में जेडीए द्वारा जिन योजनाओं का नियमन कर विकास कार्य किये जा चुके है।ऐसी योजनाओं को नगर निगम जयपुर को हस्तांतरण की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिये।
बैठक में बतया कि जोन-1 में 93, जोन-2 में 270, जोन-3 मे 29, जोन-4 में 164, जोन-5 में 163, जोन-6 में 282, जोन-पीआरएन उत्तर प्रथम में 192 एवं द्वितीय में 216 कुल 1409 योजनाऐं नगर निगम को हस्तांतरित की जानी प्रस्तावित है।उक्त योजनाओं की कुल 13800 पत्रावलिया है,जिन्होंने नगर निगम को भेजा जाना है।





