सीएम भजनलाल शर्मा ने सरकारी विभागों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। सीएम ने कहा- हमारे विभागों में कोऑर्डिनेशन (सामंजस्य) नहीं होता है।
इसके कारण हमारा एक काम हो रहा है, काम पूरा हो गया, हमारी सड़क बन गई, तो उसके तुरंत बाद दूसरे काम के लिए उस सड़क को खोदने के लिए तैयार हो जाते हैं।
अगर विभागों में आपस में सामंजस्य होगा। हम आपसी सामंजस्य के साथ काम करेंगे तो हमारा विकास भी उसमें दिखेगा। योजनाबद्ध तरीके से हमें काम करना चाहिए। कितने फीट पर हमारी पाइपलाइन है, उसको हमें देखना चाहिए।
कहीं पर सड़क बन रही है तो सड़क के नीचे सीवरेज लाइन पहले बननी चाहिए। उसके बाद सड़क बननी चाहिए। सीएम भजनलाल शर्मा सोमवार को एचसीएम रीपा में राज्य स्तरीय संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।

अगले 20-25 सालों को देखकर योजनाएं बने सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- हम अगले तीन-चार साल को ध्यान में रखकर योजना बनाते हैं। लेकिन जैसे ही वह योजना धरातल पर उतरती है, आवश्यकताएं बढ़ जाती हैं। लेकिन अगर हम अगले 20 से 25 और 30 साल के लिए योजनाएं बनाएंगे तो हमारा समावेशी विकास होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा- इसलिए हम राजस्थान में 2047 के विजन को लेकर योजनाएं बना रहे हैं। होता क्या है अगर हम दो-तीन साल के लिए योजना बनाते हैं तो वह योजना जमीन पर आती है तो उसके साथ हमारी आवश्यकता कई गुना बढ़ जाती है।
कभी-कभी मैं उदाहरण देता हूं कि एक गांव के लिए, एक कॉलोनी के लिए, एक पाइपलाइन डाली जाती है। पानी का आधार उस क्षेत्र की जनसंख्या को लिया जाता है।
लेकिन जब तक वह पाइपलाइन डलकर तैयार होती है तो वहां की जनसंख्या डबल हो जाती है, इसलिए हमें आने वाले 20-25 सालों को ध्यान में रखकर पाइपलाइन डालनी चाहिए।
आकांक्षी ब्लॉक योजना से मिल रही गति सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी ने देश में क्षेत्रीय विषमताएं दूर कर पिछड़े जिलों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए जनवरी 2018 में आशान्वित जिला कार्यक्रम शुरू किया था।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित जिलों में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे जैसे पांच महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा- प्रदेश के बारां, जैसलमेर, धौलपुर, करौली और सिरोही जिलों को इसमें सम्मिलित किया गया। वहीं वर्ष 2023 में प्रारम्भ हुए आशान्वित ब्लॉक कार्यक्रम में राजस्थान के 27 ब्लॉकों को भी शामिल किया गया।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने पिछड़े जिलों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए गुरु गोलवलकर आकांक्षी ब्लॉक विकास योजना शुरू की। इसके तहत प्रत्येक जिले से एक ब्लॉक का चयन करके उनमें विकास करवाया जा रहा है।






