वार्ता के दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सुमित गोदारा ने कहा कि जालोर जिले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार राज्य में 01 नवम्बर 2024 से गिव-अप अभियान चलाया जा रहा है जिसमें सक्षम लोगों को स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ त्याग करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। सम्पूर्ण राजस्थान में एनएफएसए से 37,89,720 व्यक्तियों तथा म्.ज्ञल्ब् नही करवाने से 27,20,620 व्यक्तियों अर्थात् कुल 64,84,216 व्यक्तियों खाद्य सुरक्षा से हटाये गए हैं। जालोर में एनएफएसए से 1,05,197 व्यक्तियों तथा म्.ज्ञल्ब् नही करवाने 1,12,927 व्यक्तियों अर्थात् कुल 2,18,124 व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा से हटाये गये है। जालोर जिले में 26 जनवरी 2025 के बाद 1,93,987 व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा में जोड़ा जा चुका हैं। सम्पूर्ण राजस्थान में 26 जनवरी 2025 के बाद 65,52,010 व्यक्तियों जोड़े गये। एनएफएसए योजना के अर्न्तगत जिले में 2,63,555 परिवारों को राशन कार्ड जारी किया गया है। एनएफएसए 2025, खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत जिले में 33,214 नवीन आवेदन प्राप्त हुए है। इनमें से 18,720 आवेदनों (56.36 प्रतिशत) को लेवल-4 में अपू्रव्ड किया जा चुका है। जिले में कुल 12,01,868 एनएफएस लाभार्थियों में से 11,61,363 (96.62 प्रतिशत) लाभार्थियों के आधार सीडिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। जिले में एनएफएस योजना के तहत 2,63,555 परिवारो में सेे 91.27 प्रतिशत राशन कार्डो की ई-केवाईसी हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा में प्रति टन उचित मूल्य की दुकानों का कमीशन 10 प्रतिशत बढ़ाया गया है तथा आयु की वजह से बायोमैट्रिक सत्यापन में परेशानी होने पर जिला कलक्टर को इस संबंध में विशेषाधिकार दिए गए हैं जिसका लाभ लाभार्थियों को मिल सकेगा।
इस अवसर पर जालोर सांसद लुम्बाराम चौधरी, आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित, जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे, विशिष्ट सचिव शैलेष सुराणा, जालोर जिला प्रमुख राजेश कुमार सहित प्रिंट व इलेक्ट्रोनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
Author: Kashish Bohra
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