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गिव-अप अभियान से वंचितों को मिला हक—खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने शुक्रवार को उदयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रदेश में अब तक 38 लाख 17 हजार 565 लोगों ने गिव-अप अभियान के तहत स्वेच्छा से योजना का त्याग किया है, जिनकी संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। गिव-अप करने वालों में उदयपुर जिले के 1 लाख 29 हजार 622 लोग शामिल हैं, जिससे जिले की प्रदेश में 27वीं रैंक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। ऐसे में अपात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ किसी भी सूरत में नहीं मिलेगा और उनसे वसूली भी की जाएगी।

वंचितों को मिला मौका
मंत्री गोदारा ने बताया कि ई-केवाईसी न करवाने और गिव-अप करने वाले कुल 65 लाख लोगों के योजना से बाहर होने के बाद नए पात्र लोगों को मौका मिला। उदयपुर जिले में 1 लाख 96 हजार 248 नए पात्र लोगों को योजना से जोड़ा गया, जो पहले वंचित थे। फिलहाल जिले में केवल 1,620 आवेदन लंबित हैं, जिनका शीघ्र निस्तारण कर दिया जाएगा।

त्योहार के शुभ अवसर पर करें धर्म और सच्चाई का कार्य
मंत्री गोदारा ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि आगामी त्योहारों के शुभ व पावन मौके पर सक्षम लोग स्वेच्छा से गिव-अप करें ताकि वंचित पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुँच सके। यह धर्म व सच्चाई से जुड़ा कार्य है, दूसरे का हक हड़पना पाप है। उन्होंने कहा कि एनएफएसए परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत गेहूं के साथ-साथ रसोई गैस सब्सिडी, आयुष्मान आरोग्य योजना और दुर्घटना बीमा का लाभ भी दिया जा रहा है।

 

उन्होंने बताया कि उदयपुर जिले में वर्तमान में 112 राशन दुकानें रिक्त हैं जबकि पूरे प्रदेश में करीब 2,400 उचित मूल्य की दुकानें खाली हैं। इन सभी का आवंटन 31 अक्टूबर तक पूरा कर दिया जाएगा ताकि उपभोक्ताओं को और अधिक सहूलियत मिल सके।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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