आज सिविल लाइंस आवास पर हुई प्रेस वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर चल रहे कांग्रेस संगठन सृजन अभियान पर कहा कि यह कार्यक्रम कांग्रेस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उदयपुर डिक्लरेशन के बाद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस अभियान की शुरुआत की थी,जिसके तहत 50% पदों पर 50 वर्ष से कम आयु के जिलाध्यक्ष बनाए जाने का निर्णय हुआ। उन्होंने कहा कि राजस्थान के प्रत्येक जिले में वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मंत्रियों को पर्यवेक्षक के रूप में भेजा गया है,जो निष्पक्ष तरीके से फीडबैक लेकर संगठन को सुदृढ़ करेंगे।साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि इस प्रक्रिया में कोई भी कांग्रेस नेता पर्यवेक्षकों से व्यक्तिगत संपर्क या सिफारिश न करे ताकि चयन पूर्ण पारदर्शिता और ईमानदारी से हो सके,तभी यह कार्यक्रम हाईकमान की मंशा के अनुरूप सफल हो सकेगा।
साथ ही अशोक गहलोत ने कहा यदि हम सच्चे मन से काम करना चाहते हैं तो हाईकमान के निर्णय का सम्मान करना जरूरी है।चयन के बाद सभी नेताओं को नए बनाए गए जिलाध्यक्ष का स्वागत और सहयोग करना चाहिए क्योंकि कांग्रेस तभी मजबूत होगी जब हम सब मिलकर संगठन के प्रति निष्ठा और एकता प्रदर्शित करें।उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी बड़ी होती है और संगठन के पदाधिकारियों को सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना चाहिए।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सभी धर्मों और जातियों को साथ लेकर चलती है, इसलिए देश के हित में कांग्रेस का मजबूत होना आवश्यक है।





