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जयपुर में लेपर्ड को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला:सर्च ऑपरेशन के दौरान शव मिला; घर में घुसे तेंदुए पर कंबल डालकर किया था हमला

जयपुर में तीन दिन पहले घर में घुसे लेपर्ड को लोगों ने कंबल से दबोचकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा था। सोमवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान उसी मादा लेपर्ड का शव बरामद हुआ।

वन विभाग ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज किया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर लेपर्ड की मौत की असली वजह पता चलेगी। उसके बाद वन विभाग लेपर्ड को पीटने वाले लोगों के खिलाफ ब्रह्मपुरी थाने में मामला दर्ज करवा सकता है।

कंबल में लपेटकर पीटा था नाहरगढ़ वन्यजीव क्षेत्र के गुर्जर घाटी इलाके में 14 नवंबर को देर रात एक घर में लेपर्ड घुस गया था। लेपर्ड ने घर में एक मवेशी का शिकार किया था। इसके बाद आसपास के लोग इकट्‌ठा हो गए।

शोर सुनकर लेपर्ड एक कमरे में छुप गया था। कुछ देर बाद भीड़ ने कमरे में घुसकर लेपर्ड को कंबल डालकर दबोच लिया था। फिर लाठी-डंडों से उसे पीटा था।

देखिए, लेपर्ड को पीटने से जुड़ी तस्वीरें…

नाहरगढ़ वन्यजीव क्षेत्र के गुर्जर घाटी इलाके में घर में 14 नवंबर की रात को लेपर्ड घुस गया था।
नाहरगढ़ वन्यजीव क्षेत्र के गुर्जर घाटी इलाके में घर में 14 नवंबर की रात को लेपर्ड घुस गया था।
मवेशी के शिकार के बाद लेपर्ड घर के एक कमरे में दुबक कर बैठ गया था।
मवेशी के शिकार के बाद लेपर्ड घर के एक कमरे में दुबक कर बैठ गया था।
लोगों ने लेपर्ड को कंबल डालकर दबोच लिया था।
लोगों ने लेपर्ड को कंबल डालकर दबोच लिया था।
लोगों ने लेपर्ड पर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटा था।
लोगों ने लेपर्ड पर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटा था।

वन विभाग ने दर्ज की FIR नाहरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के रेंजर रघुवेंद्र सिंह ने बताया- रविवार देर रात भी इलाके में लेपर्ड की मूवमेंट दर्ज हुई थी। इसी कारण टीम ने रात में ट्रैप केज (पिंजरे) लगाए और आसपास के क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी।

सोमवार दोपहर करीब 12 बजे सर्च के दौरान एक मादा लेपर्ड का शव मिला। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह वही लेपर्ड है, जिसे तीन दिन पहले लोगों ने लाठी-डंडों से पीटा था। लेपर्ड की उम्र एक से डेढ़ साल के बीच थी। वह काफी कमजोर थी।

रेंजर रघुवेंद्र सिंह ने बताया- कुपोषण भी मौत का कारण हो सकता है। हालांकि भीड़ द्वारा की गई मारपीट की भूमिका को भी जांच में शामिल किया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है।

CCTV फुटेज खंगाल रही वन विभाग की टीम वन विभाग ने इलाके में लगे CCTV और मोबाइल फुटेज को भी जांच में शामिल किया है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने अपील की है कि किसी भी जंगली जानवर को देखकर उसे चोट पहुंचाने की बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना दें।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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