राजस्थान में कार किराए पर देकर मोटी कमाई करने का अवैध धंधा खुलेआम चल रहा है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अलवर सहित कई बड़े जिलों में कार रेंटल सर्विस है, जिनके पास रजिस्ट्रेशन तक नहीं है। अगर रजिस्ट्रेशन है तो RTO के नियमों की अनदेखी की जा रही है।
ये लाइसेंस के बिना ही नाबालिग और युवाओं के हाथों में चाबी थमा देते हैं। ऐसे में कई बार सड़क हादसे होते हैं या होने की आशंका बनी रहती है। नाबालिग और युवाओं को लुभाने के लिए इंस्टाग्राम पर अपने कई पेज बना रखे हैं। इन पेजों पर आपको गाड़ियों से स्टंट के कई वीडियो मिल जाएंगे। अपना मोबाइल नंबर भी दिया होता है, ताकि आसानी से इनसे संपर्क किया जा सके।
छोटी उम्र में बड़ी गाड़ी चलाने के शौक में स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चे फंस जाते हैं। थार, स्कॉर्पियोऔर फाॅर्च्यूनर जैसी गाड़ियां 6 घंटे से लेकर 24 घंटे और एक सप्ताह तक किराए पर दी जाती है। एक घंटे के हिसाब से 1000 या इससे ज्यादा रुपए वसूलते हैं। ये लोग पर्सनल कार को भी किराए पर चलाते हैं, जबकि ऐसा करना नियमों के खिलाफ है।







