10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म मामले में मंगलवार को अपराधी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसी केस में अपराधी के बेटे को भी साल 2021 में ही उम्र कैद की सजा हो चुकी है। जिसके ट्रायल के दौरान ही पिता के भी अपराध में शामिल होने के सबूत सामने आए। इसके बाद उसके खिलाफ भी ट्रायल चलाया गया।
विशिष्ट न्यायालय (पोक्सो) संख्या-2 के न्यायाधीश सचिन गुप्ता ने हलैना निवासी मूलचंद मीणा को दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा और 30 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। सरकारी वकील महाराज सिंह ने बताया कि साल 2016 में दीपावली के आस-पास जयपुर निवासी पीड़िता की मां को दोषी मूलचंद मीणा की पत्नी जमुना ने फोन कर अपने घर बुलाया था। महिला अपनी दो बेटियों के साथ ताजपुर पहुंची। अगले दिन महिला की 10 वर्षीय छोटी बेटी रोते-बिलखते आई। पूछने पर बताया कि साहब सिंह भैया ने गलत काम किया है। जब महिला बच्चियों को लेकर जयपुर जाने लगी, तो पीड़िता ने एक और दिल दहला देने वाला खुलासा किया कि ताऊजी (मूलचंद) भी पिछले कई साल से उसका यौन शोषण कर रहे हैं। पीड़िता ने यह भी बताया कि सितंबर 2015 में भी साहब सिंह ने उसके साथ गंदा काम किया था। {जयपुर और भरतपुर में भी नहीं दर्ज हुई एफआईआर, तो एसपी से लगाई गुहार… पीड़िता की मां ने पहले जयपुर में पुलिस को सूचना दी। जहां से उसे हलैना थाने भेजा गया।
महिला ने भरतपुर एसपी से गुहार लगाई। एसपी के आदेश पर हलैना थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। जांच के बाद पुलिस ने केस में सिर्फ साहब सिंह पर अपराध प्रमाणित माना। जिसे ट्रायल के बाद सजा सुनाई। ट्रायल में मूलचंद के खिलाफ भी सबूत सामने आने पर पीड़िता के परिवार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जहां से आदेश के बाद मूलचंद के खिलाफ भी केस शुरू हुआ था।






