पाली के 25 वर्षीय प्रवीण मीणा की बेड़ा नदी में डूबने की घटना को दो महीने हो चुके हैं, लेकिन आज तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। परिवार अब भी उत्तर की प्रतीक्षा में है, जबकि संदेहों ने मामले को और जटिल बना दिया है।
पत्नी अपने पति के लौटने की आस लगाए बैठी है। वही बूढ़े माता-पिता बीमार है और कह रहे है कि हमारा बेटा प्रवीण कहां है। अगर उसकी मौत हो गई है तो बॉडी दिखाओ ताकि अंतिम संस्कार कर सके।
परिजन पाली कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिले के प्रभारी व UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा से मुलाकात की। उन्होंने प्रवीण की तलाश के लिए जांच तेज करने की मांग रखी।
नदी में डूबा बताया, लेकिन दो महीने बाद भी नहीं मिला सुराग
18 सितंबर 2025 को सिरोही जिले के केसरपुरा निवासी प्रवीण अपनी चाय की थड़ी पर काम कर रहा था। तभी उसके दोस्त हिम्मत कुमार, प्रवीण, करण, राहुल और किशोर उसे कार में साथ ले गए।शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने दोस्तों से पूछताछ की तो बताया गया कि बेड़ा नदी में नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया।सूचना पर पुलिस-प्रशासन ने कई दिनों तक तलाश की, लेकिन न प्रवीण मिला, न ही कोई ठोस सबूत।

मंत्री से मिले परिजन, विशेष दल गठित करने की मांग
हाल ही में प्रवीण के परिजन और समाज के लोग पाली कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिले के प्रभारी व UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा से मुलाकात की। उन्होंने प्रवीण की तलाश के लिए विशेष दल बनाने, खोज अभियान बढ़ाने और जांच तेज करने की मांग रखी।इस दौरान प्रेमकुमार मीणा, गिरधारीला मीणा, मनीष मीणा, कैलाश मेवाड़ा सहित कई लोग मौजूद रहे।

हत्या का संदेह, दोस्तों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
प्रवीण के भाई नारायण लाल ने उसके पांच दोस्तों पर हत्या का संदेह जताते हुए शिवगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।परिवार का कहना है कि जब तक बॉडी नहीं मिलती, वे मानने को तैयार नहीं कि प्रवीण अब इस दुनिया में नहीं है।
बूढ़े माता-पिता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
प्रवीण की पत्नी प्रियंका अब भी पति के लौटने की उम्मीद में दरवाजे पर नजरें टिकाए बैठी है। पांच साल के बेटे संदीप को पिता का इंतजार है।वहीं बुजुर्ग माता-पिता केसीबाई और खंगाराराम बीमारी और दुख से टूट चुके हैं। उनकी मांग है-अगर प्रवीण नहीं रहा तो कम से कम उसकी बॉडी दिखाओ, ताकि अंतिम संस्कार कर सकें।






