जयपुर के जेके लोन अस्पताल में दिल की बीमारी से पीड़ित छोटे बच्चों के परिजन इन दिनों ‘डॉक्टर’ की कमी से परेशान हैं। कार्डियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण यहां 2D इको की जांच के लिए बच्चों को आधा किलोमीटर दूर एसएमएस हॉस्पिटल भेजा जा रहा है। हालत ये हैं कि हर रोज करीब 20 बच्चों के परिजन इस जांच के लिए एसएमएस हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं। ये तब है जब जे.के. लोन हॉस्पिटल में दो 2D ईको मशीन उपलब्ध हैं।
जे.के. लोन हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. आर.एम. सेरा का कहना है- हॉस्पिटल में 2D की जांच करने के लिए मशीनें ताे हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी है। कुछ समय पहले यहां यूटीबी पर नियुक्त एक डॉक्टर रिजाइन देकर चले गए। इस कारण अब यहां जांच करने के लिए केवल एक ही डॉक्टर मौजूद है। वह भी सप्ताह में 2 ही दिन (मंगलवार, शनिवार) को बच्चों की 2D ईको जांच करते हैं।
रोजाना 20 बच्चे जाते हैं SMS
जे.के. लोन हॉस्पिटल में अभी जिस बच्चे की 2D ईको की जांच डॉक्टर लिखते हैं तो उसे 15 दिन बाद आने का समय दिया था। ऐसे में बच्चों के परिजनों को इस जांच के लिए SMS जाना पड़ता है। SMS हॉस्पिटल के बांगड़ परिसर में 2D ईको जांच करने वाले स्टाफ की माने तो यहां सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक हर रोज औसतन 18 से 20 बच्चे जांच के लिए पहुंच रहे है। बढ़ते मरीजों के दबाव के कारण अब यहां भी मरीजों को 2 से 3 दिन की वेटिंग दी जा रही है।
प्रिंसिपल को लिख चुके लेटर
जे.के. लोन अधीक्षक डॉ. सेरा का कहना है कि स्थायी समाधान के लिए पूर्व अधीक्षक ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को एक पत्र लिखा था, जिसमें कार्डियोलॉजी विभाग से किसी एक सीनियर रेजिडेंट और एक डॉक्टर को लगाने की मांग की है। ताकि यहां नियमित रूप से जांच होती है और बच्चों को SMS भेजना न पड़े।






