सूरतगढ़। उप जिला चिकित्सालय सूरतगढ़ के एनसीडी क्लीनिक द्वारा आरोग्यं श्रेष्ठं धनम् उद्देश्य पर चलाए जा रहे एनसीडी जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 27 नवंबर 2025 को सूरतगढ़ पीजी महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के सहयोग से जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नर्सिंग अधिकारी लक्ष्मी कुमारी एवं काउंसलर दीपक शर्मा मौजूद रहे। लक्ष्मी कुमारी ने अपने व्याख्यान में संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ एवं सुदृढ़ जीवन के लिए नशे का त्याग अत्यंत आवश्यक है। साथ में असंक्रमक रोग के प्रति भी जागरूक करते हुए स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर दीपक शर्मा ने नशे के विभिन्न रूपों और उनके दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नशा धीरे-धीरे व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक और सामाजिक क्षमताओं को नष्ट कर देता है। इसके अलावा गैर संचारी रोगों से बचाव उपचार के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हमें समय-समय पर अपना स्वास्थ्य परीक्षण करवाना चाहिए ताकि समय पर उपचार शुरू करके स्वस्थ जीवन जिया जा सके। प्राचार्य डॉ. नारायण छिम्पा ने अपने सम्बोधन में कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सकारात्मक दृष्टिकोण से नशे को पूरी तरह छोड़ा जा सकता है और योग व्यायाम को अपने जीवन में शामिल जरूर करें इससे हम लंबे समय तक स्वस्थ रह सकेंगे। कार्यक्रम प्रभारी संजय जैन ने कहा कि देश का भविष्य हमारी युवा पीढ़ी है। हम अपना खान-पान बदलकर स्वस्थ जीवन का निर्माण कर सकते हैं साथ ही नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से हमें बचाना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने एक स्वर में नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर डॉ मीना चुघ, कृष्ण कुमार, सरिता सहारण, कौशल्या ओझा, रवि स्वामी सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकगण कुमार, कौशल्या ओझा, सरिता विश्नोई, सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकगण शामिल हुए।






