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राजीविका द्वारा जयपुर में ‘नई चेतना 4.0’ पर राज्य स्तरीय कन्वर्जेंस मीटिंग आयोजित

राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) द्वारा सोमवार को जयपुर में एक उच्च-स्तरीय राज्य-स्तरीय कन्वर्जेंस बैठक स्टेट मिशन डायरेक्टर श्रीमती नेहा गिरि की अध्यक्षता में आयोजित हुई।यह बैठक 25 नवंबर से 23 दिसंबर 2025 तक चल रहे राष्ट्रव्यापी जेंडर अभियान ‘नई चेतना 4.0’ का महत्वपूर्ण हिस्सा थी।इस वर्ष के अभियान की थीम “महिलाएँ आगे बढ़ रही हैं एक विकसित ग्रामीण भारत की ओर समावेशी विकास के लिए आर्थिक सशक्तिकरण” थी।इसका मूल उद्देश्य लिंग-आधारित भेदभाव को जड़ से खत्म करना,ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त योद्धा के रूप में स्थापित करना तथा महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित स्थान व सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है।
अपने उद्बोधन में नेहा गिरी ने नई चेतना 3.0 के प्रभावी परिणामों की समीक्षा करते हुए आगे की रणनीति पर प्रकाश डाला।साथ ही उन्होंने कहा कि अब हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता आत्मरक्षा प्रशिक्षण को और व्यापक करना, जिला-स्तरीय योजनाओं को और सटीक बनाना तथा सभी संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ मजबूत समन्वय स्थापित करना है।उन्होंने समयबद्ध MIS अपडेट,जिला-केंद्रित जागरूकता अभियान तथा महिलाओं, किशोरी बालिकाओं और समुदाय के हर सदस्य के लिए सतत क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों पर विशेष जोर दिया।

विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक महीने के अभियान के लिए अपनी अभिसरण (convergence) योजनाएँ प्रस्तुत कीं।पुलिस विभाग ने सुरक्षित गतिशीलता,रात्रिकालीन गश्त,सुरक्षा सखियों की भूमिका के साथ ही राजकॉप हेल्प एप,पॉक्सो ई-बॉक्स और साइबर सुरक्षा संसाधनों के प्रसार पर जोर दिया। राज्य मिशन डायरेक्टर ने डिजिटल धोखाधड़ी जागरूकता और बैंकिंग संस्थानों के सहयोग से “डिजिटल अरेस्ट” जैसे स्कैम पर विशेष ध्यान दिलाया। पंचायती राज विभाग ने जिला स्तरीय कॉन्फ्रेंस व वर्कशॉप में CLF महिलाओं, चुने हुए प्रतिनिधियों और स्टेकहोल्डर्स को शामिल कर स्थानीय भागीदारी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।ग्रामीण विकास विभाग ने MGNREGA महिला METs को रिसोर्स पर्सन के रूप में शामिल करने की पुष्टि की, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने ASHA, ANM वर्कर्स की भागीदारी,विकलांगता प्रमाणन सहायता और टेली-MANAS के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर बल दिया।शिक्षा विभाग ने किशोरों के लिए जेंडर आधारित हिंसा पर सत्र कराने की बात कही और लीगल सर्विसेज़ ने लीगल साक्षरता व मदद तक पहुंच की अहमियत को रेखांकित किया। महिला सशक्तिकरण,सामाजिक न्याय, TAD व कृषि विभाग ने योजना सुदृढ़ीकरण और समन्वित क्रियान्वयन के लिए अपने-अपने योगदान बताए।सभी विभागों को निर्देश दिया गया कि वे जिला स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कर अभियान की सफलता सुनिश्चित करें।मीटिंग का समापन ग्रामीण राजस्थान में समानता, सुरक्षा और सम्मान के लिए एक साथ काम करने के संकल्प के साथ हुआ,जो एक सुरक्षित,समावेशी और लिंग-समानता आधारित वातावरण का निर्माण सुनिश्चित करेगा।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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