वकील दुर्व्यवहार केस में हाईकोर्ट का कड़ा रुख सामने आया है। वीडियो देखने के बाद कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को फटकार लगाते हुए SHO को तुरंत सस्पेंड करने और पूरे मामले की जांच IPS रैंक के अधिकारी से कराने के निर्देश दिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि सभी पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग दी जाए ताकि जनता से कैसे बात करनी है यह समझ सकें। कमिश्नर ने कोर्ट में बताया कि SHO के साथ अन्य दोषियों को भी थाने से हटाया जा रहा है। हाईकोर्ट ने एक सप्ताह में पूरी जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
बिना वर्दी में पीड़िता का बयान लेने पर जताई आपत्ति
दरअसल, यह मामला दुष्कर्म पीड़िता से जुड़ा हुआ है, जब एडवोकेट भरत सिंह राठौड़ और एक महिला एडवोकेट सोमवार को पुलिस थाने पहुंचे, जहां पुलिस थाने में एक पुलिसकर्मी बिना वर्दी में बयान ले रहा था। इस पर एडवोकेट ने आपत्ति जताई और पुलिसकर्मी की वर्दी को लेकर सवाल किया। इस बीच थाना प्रभारी हमीर सिंह से वकील की तीखी बहस शुरू हो गई। इस बीच आक्रोशित हुए थाना प्रभारी ने एडवोकेट भरत सिंह राठौड को बंद करने की धमकी देकर धक्का मारकर ले जाते नजर आए।
वकीलों ने 2 दिसंबर को न्यायिक कार्य का किया बहिष्कार
इधर, मामले की सूचना मिलती ही एडवोकेट्स पुलिस थाना परिसर पहुंच गए। जहां नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकील एडवोकेट भरत सिंह राठौड़ और अन्य के साथ पुलिस के कथित अभद्र व्यवहार पर थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े हुए है। इधर, राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स संगठन और राजस्थान हाई कोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन की संयुक्त बैठक में 2 दिसंबर को न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया।
इधर, मामले का बवाल बढ़ने पर जोधपुर पुलिस कमिश्नर ने स्पष्टीकरण जारी किया कि इस मामले में किसी भी वकील को गिरफ्तार नहीं किया गया है। साथ ही इस मामले की जांच एडिशनल डिप्टी कमिश्नर पश्चिम को सौंपी गई है।





