जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर डोमेस्टिक कार्गो में संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिलने के मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जयपुर पुलिस ने हरियाणा-दिल्ली में छापेमारी कर आरोपियों को दबोचा है।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि बैटरीनुमा डिवाइस का उपयोग जुए में चीटिंग करने के लिए किया जाता है। बुकिंग में दिए गए नाम-पते पर कॉन्टैक्ट करने पर आरोपी के गायब होने का पता चला।
जांच में सामने आया कि दिल्ली के पास रहने वाले व्यक्ति ने जयपुर आकर डोमेस्टिक कार्गो में डिवाइस को बुक करवाया था। नोटों के बीच छुपाकर बैटरी नुमा डिवाइस को हैदराबाद भेजा जा रहा था। मामले में पुलिस जल्द बड़े रैकेट का खुलासा करेगी।

चीटिंग के यूज आता है इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस एडिशनल डीसीपी (ईस्ट) आलोक सिंघल ने बताया- जयपुर एयरपोर्ट पर मंगलवार देर शाम को डोमेस्टिक कार्गो में संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिला था। CISF की सुरक्षा टीम ने स्कैनिंग के दौरान बैटरीनुमा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण देखते ही अलर्ट जारी कर कमिश्नरेट पुलिस और एटीएस को सूचना दी।
आलोक सिंघल ने बताया- पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा-दिल्ली में छापेमारी कर 2 युवकों को दबोचा है। पकड़े गए दोनों युवक गैंबलिंग का काम करते हैं और इसके लिए ताश भी स्पेशल डिजाइन की रहती है।
पूछताछ में सामने आया है कि नोटों के बीच छुपाकर भेजा गया डिवाइस स्पेशल इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन सिस्टम है। ये इंस्ट्रूमेंट स्कैनिंग के काम आता है। जुआ खेलने के दौरान ये सामने वाले की ताश-पत्ती के बारे में बता देता है।

गैंबलिंग के पीछे बड़े रैकेट के होने का अंदेशा प्रथम दृष्टया पुलिस जांच में सामने आया है कि गैंबलिंग में चीटिंग का एक पूरा गिरोह बना हुआ है, जो इस बिजनेस को डील करता है। इसमें एक आरोपी ग्रुप ताश पत्ती की गड्डियां खरीदवाने का काम करता है तो दूसरा बदमाश इन ताश पत्तियों के लिए इंस्ट्रूमेंट बनाता है।
इसके बाद इनका ही ग्रुप ताश पत्ती से जुआ खिलवाता है। गैंबलिंग में चीटिंग कर रुपए ऐंठने का काम किया जाता है। एयरपोर्ट थाने में इस संबंध में केस दर्ज किया गया है, जिसकी जांच SHO (सांगानेर) लिखमाराम कर रहे हैं। मामले में जल्द ही बड़ा खुलासा होने की संभावना है।





