पुलिस थाना जवाहर सर्किल ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए अपहरण व लूट की वारदातों को अंजाम देने वाली शातिर गैंग को महज 24 घंटे में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने करीब 150 से 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंच बनाई। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त एक देसी कट्टा और डिजायर कार भी जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार परिवादी अहसान ने थाना जवाहर सर्किल में मामला दर्ज करवाया था कि 20 दिसंबर को वह दुर्गापुरा बस स्टैंड से टोंक जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान टैक्सी चालक ने कोटा जाने की सवारी के बहाने उसे गाड़ी में बैठा लिया। टैक्सी में पहले से मौजूद दो अन्य युवक चालक के साथी थे। रिंग रोड के पास उसे सुनसान जगह ले जाकर देसी कट्टा दिखाकर अपहरण किया गया, मारपीट कर मोबाइल और पर्स लूट लिया गया। आरोपियों ने एटीएम पिन पूछकर 70 हजार रुपए भी निकलवा लिए और शिवदासपुरा हाईवे पर छोड़कर फरार हो गए।

डीसीपी ईस्ट संजीव नैन ने बताया- पुलिस ने तकनीकी सहायता और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी मनोज और घनश्याम को डिटेन कर गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया- आरोपी टैक्सी का इस्तेमाल कर बस स्टैंडों पर सवारी को लिफ्ट देने के बहाने गाड़ी में बैठाते थे। फिर अन्य साथी भी गाड़ी में बैठकर शक से बचते थे। सुनसान जगह ले जाकर हथियार दिखाकर मारपीट व लूटपाट कर पीड़ित को दूसरे स्थान पर छोड़ देते थे।
आरोपियों ने आधा दर्जन से अधिक वारदातें करना स्वीकार किया
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सांगानेर थाना क्षेत्र में भी अपहरण कर लूट की घटना को अंजाम दिया था। पूछताछ में आरोपियों ने सांगानेर, प्रताप नगर और गोनेर मोड़ इलाके में आधा दर्जन से अधिक वारदातें करना स्वीकार किया है। एक वांछित आरोपी सुनील बैरवा की तलाश जारी है।

गिरफ्तारी के दौरान बाउंड्री वॉल कूदकर भागने की कोशिश
पुलिस द्वारा पीछा किए जाने पर आरोपी नाले की बाउंड्री वॉल कूदकर भागने लगे, जिससे गिरने के कारण उनके पैरों में चोटें आईं। फिलहाल दोनों आरोपी जेसी में हैं और मामले में अनुसंधान जारी है।
पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो गैंग नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में थी।






