स्कूलों में विंटर ब्रेक और नववर्ष के आगमन के साथ ही लोगों में छुट्टियों का उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। इसी उत्साह के बीच जयपुर में आयोजित सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 इन दिनों शहरवासियों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन गया है। शुक्रवार को ओपी भी बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ मेले में पहुंचे और खरीदारी के साथ-साथ वहां आयोजित विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।
मेले में आगंतुकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दैनिक लकी खरीदार अवॉर्ड योजना चलाई जा रही है। इसके तहत प्रतिदिन लकी ड्रॉ के माध्यम से दो भाग्यशाली खरीदारों का चयन किया जा रहा है, जिन्हें ₹20,000 से ₹50,000 तक के आकर्षक उपहार प्रदान किए जा रहे हैं। लकी ड्रॉ में वही खरीदार पात्र होते हैं, जो किसी एक स्टॉल से न्यूनतम ₹1,000 की खरीदारी कर वैध बिल के साथ अपना कूपन शाम 5 बजे तक जमा करते हैं। ड्रॉ की प्रक्रिया प्रतिदिन शाम 5 से 6 बजे के बीच गणमान्य अतिथियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की जा रही है। अब तक टीवी, फ्रिज, सैंडविच ग्रिल, बेडशीट, स्मार्ट फोन, साइकिल और एसी जैसे पुरस्कार विजेताओं को मिल चुके हैं। इस योजना को लेकर ग्राहकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उत्पादों की बिक्री पर भी पड़ा है।

शाम के समय आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मेले की रौनक को और बढ़ा दिया। विशेष रूप से मिजोरम के चैरो नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। चैरो मिजोरम का एक प्रसिद्ध और पारंपरिक बाँस नृत्य है, जिसे वहां के सबसे पुराने नृत्यों में गिना जाता है। इस नृत्य में कलाकार बाँस की डंडियों के बीच तालबद्ध ढंग से कूदते-थिरकते हैं, जो मिजोरम की समृद्ध संस्कृति और विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है। इस अनूठी प्रस्तुति ने न केवल दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि मेले में आए पर्यटकों के लिए भी एक यादगार अनुभव साबित हुई।
सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 इस प्रकार खरीदारी, मनोरंजन और सांस्कृतिक विविधता का संगम बनकर लोगों को आकर्षित कर रहा है।





