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अजमेर कोर्ट को बम से उड़ाने की मिली धमकी:कलेक्टर को भेजे ईमेल में लिखा- आपके कोर्ट में 13 RDX लगाए गए, जल्दी फटने वाले हैं

अजमेर में जिला सेशन कोर्ट के नए भवन को बम से उड़ाने की धमकी मिली। कलेक्टर लोकबंधु को भेजे गए धमकी भरे मेल में लिखा है- ‘आपके कोर्ट में 13 आरडीएक्स लगाएं गए है, जल्दी फटने वाले हैं।’

मामले की सूचना पर तुरंत सिविल लाइन थाना पुलिस, सीआईडी और डॉग स्क्वायड की टीम कोर्ट पहुंची। बम की धमकी को देखते हुए फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीम भी पहुंची ।

पुलिस ने कोर्ट परिसर से वकीलों और पीड़ित लोगों को बाहर निकाला। कोर्ट परिसर के चप्पे-चप्पे पर तलाशी की गई। हालांकि पुलिस को कुछ नहीं मिला, जिसके बाद राहत की सांस ली।

कोर्ट परिसर में सर्च के PHOTOS

धमकी भरे मेल में लिखा है- 'आपके कोर्ट में 13 आरडीएक्स लगाएं गए है, जल्दी फटने वाले हैं।'
धमकी भरे मेल में लिखा है- ‘आपके कोर्ट में 13 आरडीएक्स लगाएं गए है, जल्दी फटने वाले हैं।’
कोर्ट परिसर में सिविल लाइन थाना पुलिस, सीआईडी और डॉग स्क्वायड की टीम।
कोर्ट परिसर में सिविल लाइन थाना पुलिस, सीआईडी और डॉग स्क्वायड की टीम।
सिविल लाइन थाना पुलिस कोर्ट परिसर को खाली करवाते हुए।
सिविल लाइन थाना पुलिस कोर्ट परिसर को खाली करवाते हुए।
सूचना मिलने पर एटीएस और फायर ब्रिगेड के साथ ही एसडीआरएफ की टीम भी अजमेर कोर्ट के भवन पर पहुंची।
सूचना मिलने पर एटीएस और फायर ब्रिगेड के साथ ही एसडीआरएफ की टीम भी अजमेर कोर्ट के भवन पर पहुंची।

सीओ शिवम जोशी ने बताया कि मेल के जरिए अजमेर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां एक्टिव हुई और सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

सीआईडी, डॉग स्क्वाड, एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई थी। हालांकि तलाशी में कुछ भी बरामद नहीं हुआ। पूर्व में भी अजमेर कलेक्ट्रेट और दरगाह को धमकी मिली थी। जिसका मुकदमा भी दर्ज है। मामले में अनुसंधान जारी है।

पूर्व में कलेक्ट्रेट और दरगाह को मिली थी धमकी

अजमेर में कलेक्टर लोकबंधु को पूर्व में करीब तीन बार मेल के जरिए धमकी मिल चुकी है। जिसमें दो बार कलेक्ट्रेट और दरगाह को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। तीसरी बार में सिर्फ कलेक्ट्रेट को उड़ाने की धमकी मिली थी।

तीनों ही मामले में जिला कलेक्टर के प्रतिनिधि के जरिए सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। हालांकि उसे मामले में अभी तक पुलिस के हाथ में कुछ भी नहीं लगा है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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