कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा- जो होटलों में बंद रहे, तत्कालीन मुख्यमंत्री अपने ही उप मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के लिए किस तरह के शब्दों का प्रयोग करते थे, उसको मैं यहां दोहराना भी नहीं चाहता हूं।
पटेल ने कहा- अपनी कुर्सी बचाने के लिए दिल्ली और अन्य जगह फिरते रहे। उन्हें ऐसा प्रश्न करने का अधिकार नहीं है। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को सातों संभागों के मामले में प्रेस काॅन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मंत्री जोगाराम पटेल ने यह कहा। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा भी मौजूद थे।
जोगाराम पटेल ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बयान पर पलटवार करते हुए कहा- जिसकी जैसी संस्कृति होती है, उसको वैसा ही याद रहता है। उन्होंने कहा- हमने घोषणाएं बचाकर रखी हैं, ऐसा अनुमान लगाने वाले अंतर्यामी को मैं धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि घोषणाएं लगातार होंगी, विकास निरंतर चलेगा। सरकार में कोई खींचतान नहीं है। हम एक मन, एक राय और एक परिवार के रूप में राजस्थान के विकास के लिए काम करते रहेंगे।
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा था- मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री (वित्त मंत्री) के बीच प्रतिस्पर्धा है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं वित्त मंत्री को करने नहीं दी।

पटेल बोले- बजट रेवड़ी परंपरा पर वैचारिक प्रहार जोगाराम पटेल ने कहा- यह बजट राजनीतिक परंपराओं से हटकर है। आज तक बजट में रेवड़ियां बंटती रही हैं। यह बजट रेवड़ी संस्कृति पर वैचारिक प्रहार है। उन्होंने कहा- इस बजट में हमारा विजन है कि किस तरह से राजस्थान समृद्ध और विकसित बने। इस बजट में हमारी नीति और परिकल्पनाएं हैं। बजट में अल्पकालीन लोकप्रियता की बजाय दीर्घकालीन स्थिरता को प्राथमिकता दी गई हैं।
बजट में सस्ती लोकप्रियता प्राप्त करने की घोषणाओं से हटकर उत्पादन और निवेश को प्राथमिकता दी गई है।

बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति को समर्पित उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने सरकार के तीसरे बजट को ऐतिहासिक बताते हुए इसे विकसित राजस्थान का सशक्त रोडमैप करार दिया। प्रेस वार्ता के दौरान उपमुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने कहा- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वित्त मंत्री दीया कुमारी द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के सर्वांगीण विकास को समर्पित है।
उन्होंने बताया- 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपए के इस बजट का आकार वर्ष 2023–24 की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। राज्य के अवसंरचना विकास के लिए 53 हजार 978 करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है। जो वर्ष 2023–24 की तुलना में दोगुने से अधिक है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 32 हजार 526 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो पूर्व बजट से 53 प्रतिशत अधिक है। कृषि बजट में 7.59 प्रतिशत तथा ग्रीन बजट में 20.81 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।




