नगरीय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने सोमवार को विधान सभा में कहा कि विरासतकालीन तालाबों और जल संग्रहण स्रोतों का संरक्षण और उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जल स्त्रोतों के विकास पर गंभीरता से विशेष ध्यान दे रही है।
खर्रा ने कहा कि कोटा विकास प्राधिकरण ने किशोर सागर तालाब के सौंदर्यकरण के लिए कार्य आदेश जारी किए हैं। इसके विकास कार्यों पर 82.31 करोड़ रूपये की लागत आएगी। उन्होंने कहा कि कोटा के अन्य जल संग्रहण स्त्रोतों का सर्वे के आधार पर संरक्षण किया जाएगा। प्राधिकरण द्वारा 3.25 करोड़ रूपये की लागत से काला तालाब की सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जा चुका है।
नगरीय विकास राज्य मंत्री ने शून्य काल के दौरान सदन के सदस्य संदीप शर्मा के ध्यानार्कषण प्रस्ताव के प्रश्न का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक बहाव क्षेत्र में कॉलोनियां बसने से प्राकृतिक ड्रेनेज सिस्टम अवरूद्ध हुआ है।
मंत्री खर्रा ने सदन को आश्वस्त किया कि कोटा क्षेत्र के सभी तालाबों का सैटेलाइट फोटो से अवलोकन करेंगे, जिसके आधार पर रेकॉर्ड में दर्ज तालाबों की वर्तमान स्थिति की जांच करते हुए उन्हें पुनर्जीवित करने की दिशा में कार्य किए जाएंगे। साथ ही, अन्य तालाब क्षेत्रों में अतिक्रमण नहीं हो और उन्हें संरक्षित रखा जाए, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।





