भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जयपुर नगर निगम में दो वेटरनरी डॉक्टरों और एक संविदाकर्मी को 4 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
डॉक्टरों ने आवारा कुत्तों के निकाले गए यूट्रस और टेक्टिकल्स की गणना और बिल फॉरवर्ड करने की एवज में परिवादी से रिश्वत मांगी थी। ये बिल करीब 75 लाख का था।
परिवादी की शिकायत पर ACB ने सोमवार को संविदाकर्मी जितेंद्र सिंह शेखावत को 4 लाख रुपए घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
इसके बाद पशु प्रबंधन शाखा में पदस्थ डॉ. योगेश शर्मा, डॉ. राकेश कलोरिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इन दोनों डॉक्टरों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान एसीबी के अधिकारी नगर निगम परिसर में मौजूद रहे।

यूट्रस और टेक्टिकल्स की गणना, बिल फॉरवर्ड करने की एवज में रिश्वत मांगी
एसीबी डीजी गोविंद गुप्ता ने कहा- परिवादी को आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का टेंडर मिला था। काम पूरा करने के बाद जब उसने बिल भुगतान के लिए प्रस्तुत किए तो अधिकारियों ने जरूरी गणना और फाइल आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग शुरू कर दी।
गुप्ता ने कहा- परिवादी ने बताया टेंडर की शर्तों के मुताबिक कुत्तों के निकाले गए यूट्रस (UTERUS) और टेक्टिकल्स (TESTICLES) की गणना नगर निगम हेरिटेज के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश शर्मा नहीं कर रहा है।
गणना और बिल फॉरवर्ड करने की एवज में सभी बकाया बिलों के 12 लाख रुपए रिश्वत मांग रहा है।

15 लाख रुपए रिश्वत मांग रहे थे डॉक्टर
एसीबी डीजी गोविंद गुप्ता ने बताया- नगर निगम ग्रेटर में परिवादी द्वारा कुत्तों की नसबंदी एवं टीकारण के किए गए कार्यों के नवंबर-दिसम्बर 2025 के बिल बनाकर नगर निगम ग्रेटर पेश करने के बाद भी रिश्वत की मांग की गई। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कालोरिया कुत्तों से निकाले गए UTERUS एवं TESTICLES की गणना नहीं कर रहा था।
बिलों को फॉरवर्ड करने के लिए 2 लाख रुपए प्रति माह के हिसाब से 4 लाख रुपए और 1 जनवरी 2026 से 3.50 लाख रुपए प्रति महीने के हिसाब से रिश्वत मांग रहा है।
दोनों पशु चिकित्सा अधिकारी अपने कार्यालय के संविदा कर्मचारी कम्प्यूटर ऑपरेटर जितेन्द्र सिंह के जरिए रिश्वत मांग रहे हैं।आनंद शर्मा, उप महानिरीक्षक पुलिस-द्वितीय (डीआजी) के सुपरविजन में भूपेंद्र अति. पुलिस अधीक्षक ACB जयपुर नगर-प्रथम के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन करवाया गया।
इस पर दोनों पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा कुल 15 लाख रुपए की मांग करने की पुष्टि हुई।

डीजी गोविंद गुप्ता ने बताया- इस पर सोमवार को एसीबी टीम ने पशु चिकित्सा अधिकारियों डॉ. योगेश शर्मा और डॉ. राकेश कलोरिया के लिए परिवादी से 4 लाख रुपए की रिश्वत लेते संविदाकर्मी जितेंद्र शेखावत को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद दोनों पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।






