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जन विश्वास संशोधन विधेयक:विपक्ष अड़ा-गेट बंद कर वोटिंग कराओ, सरकार अल्पमत में, भागते पहुंचे विधायक

राजस्थान विधानसभा में सोमवार दोपहर सरकार पहले ही बिल पर अल्पमत में आते आते बची। सरकार की तरफ से सदन में ‘जन विश्वास संशोधन बिल’ पेश हो रहा था, उस समय बीजेपी खेमे के विधायक अधिकांश नदारद थे। विपक्ष को मौका हाथ आ गया और बिल पेश करते समय भाजपा विधायकों की कम उपस्थिति का मुद्दा उठाकर डिवीजन की मांग कर डाली। हंगामा गया।

उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने कहा- सदन के गेट बंद करके वोटिंग कराओ। मीणा की मांग पर जमकर हंगामा किया गया, लेकिन अध्यक्ष ने कहा कि जब विपक्ष से पूछा गया था तो मात्र दो ही लोगों की आपत्ति आई। ऐसे में विधेयक को पारित किया गया। विपक्ष कहता रहा-बेलेट से मत विभाजन कराओ। सरकार गिर जाएगी। सत्ता पक्ष के विधायक कोरम जितने है ही नहीं।

हड़कंप मचा तो चारों तरफ से गलियारों से भागते-दौड़ते भाजपा विधायक सदन के अंदर पहुंचे। तब सत्ता पक्ष को चैन में चैन आई। इसके बाद स्पीकर की मंजूरी के बाद कार्यवाही आगे बढ़ी। हालांकि, स्पीकर पहले ही बिल को सदन में रखने की मंजूरी दे चुके थे। इसके बाद कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया और हंगामे के बीच भी प्रक्रिया जारी रही।

लंच ब्रेक के बाद जब संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ‘जन विश्वास संशोधन बिल’ सदन में प्रस्तुत करने खड़े हुए। इतने में विपक्ष ने तीखी नोकझोंक शुरू कर दी। मत विभाजन पर अड़े विपक्ष ने कहा कि- जब पर्याप्त संख्या में सदस्य उपस्थित नहीं हैं, तब औपचारिक वोटिंग करवाई जानी चाहिए।

स्पीकर द्वारा वॉइस वोटिंग के माध्यम से बिल टेबल करने की अनुमति दिए जाने पर विपक्ष ने आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया और स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई।

उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश बोले- मतदान कराया जाए

उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने कहा कि सदन में भाजपा विधायकों की संख्या पर्याप्त नहीं है, इसलिए विधिवत मतदान कराया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी स्थिति में डिवीजन की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए ताकि स्पष्ट रूप से सदन की राय सामने आ सके। विपक्ष के सदस्य अपनी बात पर अड़े रहे, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से बिल को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया जारी रही।

हंगामा शांत होने के बाद सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि सदन में पारस्परिक सहयोग की परंपरा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अनावश्यक रूप से विधायकों की अनुपस्थिति का मुद्दा बना रहा है, जो उचित नहीं है। बीएसी की मीटिंग में 1 बजे जूली नहीं आ पाए तो हमने सहयोग कर 3 बजे समय किया।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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