पलामू में हाथियों के झुंड को देख कर ग्रामवासियों में भय का माहौल व्याप्त है। जंगलों को नुकसान पहुंचाने और लोगों के प्रकृति के साथ बेरुखीपन व्यवहार से जंगल में शांति से निवास करने वाले पशु और पक्षियों में भी आक्रोश व्याप्त है। जिसका परिणाम है कि वे अब उग्र हो चुके हैं और अपना आक्रोश घरों और फसलों को रौंद कर कर रहे हैं। इसमें जानमाल का भी नुकसान हो जाता है। ऐसे ही एक घटना घटित हुई है। 15 फरवरी की रात्रि 03:00 बजे सुबह एक जंगली हाथी (नर) के द्वारा बेतला वन प्रक्षेत्र के कुचिला गांव के बरवागढ़ा टोला में तीन (03) घरों को क्षति किया गया है।
घर और मकान के मालिक का नाम जिनमें शम्भू सिंह, पिता-जीतन सिंह (पक्का मकान), शीला देवी, पति विजय सिह (कच्चा मकान), सोनवा देवी, पति मिठू भुईया (कच्चा मकान) शामिल हैं। पलामू टाइगर रिजर्व से प्राप्त जानकारी अनुसार बेतला जंगल के तितही पी०एफ० के नजदीक एक टस्कर हाथी पी०एफ० जुगल से सटे खेत जिसमें गेहूं की फसल लगी थी वो खा रहा था। गाँव वालो के द्वारा हाथी भगाने के क्रम में वह जंगल के नजदीक बने घरों को तोड़ दिया। बेतला की कर्ट टीम जिसके संचालक प्रभारी वनपाल श्री संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में घटना की जॉच की गई। पीड़ित के घर के मुआइना किया एवं तुरन्त मकान और घर को मरम्मत के लिए ईंट एवं सीमेंट दी। साथ ही खाधान्न किट उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही सरकारी प्रावधान के अनुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी हैं।






