चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि श्रीगंगानगर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुर का विस्तार कर शैय्याओं की संख्या 30 से बढ़ाकर 50 की जाएंगी। उन्होंने बताया कि केन्द्र का विकास कार्य 6.08 करोड़ रुपये की लागत से पीआईपी 2026-27, नाबार्ड तथा अन्य बजटीय प्रावधानों के माध्यम से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुर के विस्तार हेतु वित्तीय स्वीकृति जारी होने के बावजूद जगह की कमी के कारण बैड्स की संख्या में वृद्धि नहीं हो सकी थी। अब केन्द्र के परिसर में स्थित पुराने क्वार्टर्स को ध्वस्त कर शैय्याओं में वृद्धि का कार्य किया जा रहा है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक रुपिन्द्र सिंह कुन्नर द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गत सरकार के कार्यकाल में 2021-22 के बजट में राज्य के विभिन्न चिकित्सालयों में कुल 1 हजार बैड्स की वृद्धि किये जाने की घोषणा की गई थी। इसके अंतर्गत प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप जिला चिकित्सालय एवं जिला चिकित्सालय शामिल थे, लेकिन घोषणा में श्रीगंगानगर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुर का उल्लेख नहीं किया गया था।
उन्होंने बताया कि शैय्याओं में वृद्धि के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में न्यूनतम 25 प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी होने के मापदण्ड निर्धारित किया गया था। उस समय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुर की बेड ऑक्यूपेंसी 59 प्रतिशत थी, जो निर्धारित मानकों से कहीं अधिक थी। पूर्व सरकार द्वारा अलग-अलग समय पर स्वीकृतियां जारी किए जाने के बाद भी पदमपुर सीएचसी के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया था।
इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बजट घोषणा वर्ष 2021-22 की अनुपालना में राज्य सरकार की 25 अक्टूबर, 2021 की स्वीकृति के द्वारा श्रीगंगानगर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पदमपुर को 30 से 50 शैय्याओं में वृद्धि की स्वीकृति जारी की गई थी। स्वीकृति की प्रति उन्होंने सदन के पटल पर रखी।
उन्होंने बताया कि बजट तत्समय आवंटित नहीं किया गया। वर्तमान में बजट आवंटन हेतु प्रयास किये जा रहे हैं।






