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रिश्वत के आरोपी अफसरों की ACB कोर्ट में पेशी:900 करोड़ का जल जीवन मिशन घोटाला मामला; एक दिन पहले अलग-अलग जगह से पकड़ा था

900 करोड़ के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाला मामले में गिरफ्तार 9 अफसरों को आज ACB कोर्ट में पेश किया गया । भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम सभी आरोपियों को एक ही गाड़ी में कोर्ट लेकर पहुंची। अधिकारियों के हाथों में लाल कपड़े में इस घोटाले से जुड़ी फाइलें थी।

ACB ने आरोपी अफसरों को विशिष्ट न्यायालय भ्रष्ट्राचार अधिनियम क्रम स. – 1 में आरोपियों को पेश किया। इसके बाद कोर्ट से 5 दिन का रिमांड मांगा। ताकि घोटाले से जुड़े अन्य तथ्यों, दस्तावेजों और संभावित संलिप्त लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकें। कोर्ट साढ़े 3 बजे अपना फैसला सुनाएगी।

ACB कोर्ट में पेशी पर जाते दिनेश गोयल,डीके गौड,निरील कुमार और सुशील शर्मा।
ACB कोर्ट में पेशी पर जाते दिनेश गोयल,डीके गौड,निरील कुमार और सुशील शर्मा।

इन अफसरों को कोर्ट में किया पेश

ACB ने 17 फरवरी को जयपुर, बाड़मेर, जालोर, सीकर, बिहार, झारखंड और दिल्ली सहित 15 जगहों पर कार्रवाई की गई थी। प्रदेश में जयपुर, उदयपुर, जालोर, बाड़मेर और सीकर में कार्रवाई हुई थी। इसके बाद 9 अफसरों को पकड़ा गया था। इन अफसरों को आज कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में पेश अफसर-

  1. चीफ इंजीनियर जयपुर शहर केडी गुप्ता
  2. तत्कालीन मुख्य अभियन्ता पीएचईडी परियोजना जयपुर दिनेश गोयल
  3. रिटायर्ड तकनीकी चीफ इंजीनियर जयपुर डीके गौड
  4. तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता सिविल पीएचईडी,जयपुर निरिल कुमार हाल चीफ इंजीनियर चूरू
  5. तत्कालीन वित्तीय सलाहकार, जल जीवन मिशन, पीएचईडी जयपुर सुशील शर्मा
  6. अतिरिक्त मुख्य अभियंता जयपुर (तत्कालीन सचिव आरडब्लयूएसएसएमची) शुभांशु दीक्षित
  7. रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता पीएचईडी क्षेत्र प्रथम, जयपुर अरुण श्रीवास्तव
  8. रिटायर्ड अधीक्षण अभियन्ता, पीएचईडी पीआईयू-द्वितीय, डीडवाना महेन्द्र प्रकाश सोनी (एमपी सोनी)
  9. तत्कालीन अधिशाषी अभियन्ता, पीएचईडी, शाहपुरा जयपुर हाल निलंबित विशाल सक्सेना

ACB ने फर्जी बिलों और वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर की कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों में कथित अनियमितताओं, फर्जी बिलों और वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर यह कार्रवाई की गई है। एसीबी इस मामले में ठेकेदारों, अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। फिलहाल कोर्ट के फैसले के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, वहीं एसीबी की जांच प्रक्रिया लगातार जारी है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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