जयपुर। राज्य के प्रमुख वस्त्र उद्योग क्लस्टरों में पर्यावरणीय मानकों की पालना को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में बालोतरा, जसोल, पाली, सांगानेर और जोधपुर के टेक्सटाइल क्लस्टरों तथा कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अक्षरश: पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत जोजरी, बांडी, लूनी और सांगानेर बेसिन में कड़े पर्यावरणीय नियम लागू किए गए हैं। नियमों के उल्लंघन के मामलों में दीवानी जुर्माने के स्थान पर आपराधिक दायित्व तय किया गया है। पिछले 35 दिनों में पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वाली 2 हजार से अधिक टेक्सटाइल एमएसएमई इकाइयों को सील किया जा चुका है।
नदियों के पुनरुद्धार का बनेगा ब्लूप्रिंट
बैठक में नदियों में प्रदूषण रोकने, अपशिष्ट जल के प्रभावी प्रबंधन और पर्यावरण सुधार के लिए रिवर बेल्ट के रेस्टोरेशन का ब्लूप्रिंट तैयार करने पर जोर दिया गया। रिवर बेसिन अथॉरिटी के माध्यम से रेगुलेटरी जोन विकसित करने, ड्रेनेज व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा नदियों से स्लज हटाने के कार्य भी किए जाएंगे। जल उपचार व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित वॉटर ट्रीटमेंट टूल्स के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई।
केंद्र से वित्तीय सहयोग का आश्वासन
वीसी के माध्यम से बैठक में शामिल केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव ने नदियों के प्रदूषण नियंत्रण और टेक्सटाइल क्लस्टरों से जुड़े प्रोजेक्टों के लिए केंद्र सरकार की ओर से वित्तीय सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं के लंबित भुगतान जल्द किए जाने तथा हरसंभव वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की बात कही।
कई सीईटीपी की क्षमता से कम संचालन
समीक्षा में सामने आया कि बालोतरा में 18 एमएलडी क्षमता के जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) संयंत्र की परियोजना लागत 131.90 करोड़ रुपए है, जिसमें केंद्र का अंशदान 65.95 करोड़ रुपए है। यह संयंत्र पिछले कुछ महीनों से आरएसपीसीबी द्वारा बंद है।
जसोल में 2.5 एमएलडी क्षमता के जेडएलडी संयंत्र की लागत 38.50 करोड़ रुपए है, जिसमें केंद्र का अंशदान 19.25 करोड़ रुपए है। फिलहाल इसे आरएसपीसीबी ने केवल 1.1 एमएलडी क्षमता पर संचालन की अनुमति दी है।
पाली के यूनिट-6 में 12 एमएलडी क्षमता के जेडएलडी संयंत्र की लागत 100 करोड़ रुपए है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 50 करोड़ रुपए है। वर्तमान में यह महज 3 एमएलडी क्षमता पर संचालित हो रहा है। वहीं नेक्स्टजेन टेक्सटाइल पार्क, पाली में 4 एमएलडी स्थापित क्षमता के मुकाबले 3 एमएलडी पर संचालन हो रहा है। इसकी परियोजना लागत 129.42 करोड़ रुपए है, जिसमें केंद्र का अंशदान 64.71 करोड़ रुपए है।
सांगानेर में 12.3 एमएलडी क्षमता वाले संयंत्र की परियोजना लागत 159 करोड़ रुपए है, जिसमें केंद्र का अंशदान 75 करोड़ रुपए है। वर्तमान में यह केवल 1.5 एमएलडी क्षमता पर आंशिक रूप से संचालित है।
जोधपुर में इकाइयां बंद, जेडएलडी अपग्रेडेशन की समयसीमा 2027
जोधपुर में 306 टेक्सटाइल इकाइयों से औसत अपशिष्ट आवक फिलहाल उद्योगों के बंद होने के कारण शून्य बताई गई। यहां जेडएलडी अपग्रेडेशन की समयसीमा 31 दिसंबर 2027 तय की गई है। बैठक में नॉन-कम्प्लायंस के मामलों में रीको को सीईटीपी स्थापित करने की अनुमति देने का आग्रह केंद्र सरकार से किया गया।
75 से 80 फीसदी तक वित्तीय सहायता
राज्य सरकार की ओर से सीईटीपी संयंत्रों को जेडएलडी तकनीक में अपग्रेड करने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता दी जा रही है। सीईटीपी स्थापना एवं अपग्रेडेशन सहायता योजना के तहत प्रति एमएलडी 18 करोड़ रुपए, अधिकतम 100 करोड़ रुपए तक की सीमा में परियोजना लागत का 75 प्रतिशत तक सहयोग देने का प्रावधान है।
रीको औद्योगिक क्षेत्रों में हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (एचएएम) योजना के तहत प्रति एमएलडी 18 करोड़ रुपए, अधिकतम 150 करोड़ रुपए की सीमा में 80 प्रतिशत सहायता का प्रावधान है, जबकि 20 प्रतिशत अंशदान एसपीवी द्वारा किया जाएगा। गैर-रीको क्षेत्रों में भी एचएएम मॉडल के तहत 80 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
डिफॉल्टरों पर होगी सख्त कार्रवाई
बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार के सहयोग से सभी सीईटीपी को जल्द से जल्द जेडएलडी तकनीक में अपग्रेड करने पर मंथन हुआ। रीको द्वारा स्वयं सीईटीपी स्थापित एवं संचालित करने के लिए नीतिगत दिशा-निर्देश तैयार करने, नियमों का उल्लंघन करने वाले डिफॉल्टरों के खिलाफ सख्त एवं समयबद्ध कार्रवाई तथा लगातार निगरानी की व्यवस्था लागू करने पर भी चर्चा की गई।
बैठक में खान एवं पेट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अध्यक्ष अपर्णा अरोड़ा, उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं रीको के अध्यक्ष शिखर अग्रवाल, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर आत्माराम सावंत सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Author: newsinrajasthan
NEWS IN RAJASTHAN is a Hindi News channel. The most honest and growing news channel that covers latest trending news,Hindi news Bulletin in depth coverage of news stories, Indian film industry,latest Bollywood updates.We primarily focus on ground level reporting and serious news.NEWS IN RAJASTHAN has Dedicated specialized programs that covers politics,Business,corporate shows,Education and sports etc.





