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आखिर किसकी उदासीनता या लापरवाही का खामियाजा संस्कृत शिक्षा विभाग के विद्यालय भुगत रहे- पारीक

डी डी चारण / मेड़ता सिटी:
राजस्थान संस्कृत शिक्षा विभागीय शिक्षक संघ द्वारा 2023-24 तक की लंबित सभी संवर्गों की पदोन्नतियां करवाने एवं रिक्त पदों की सीधी भर्ती से पूर्ति करवाने हेतु प्रदेश में ज्ञापन दिए गए। इसी सिलसिले में उपखण्ड मुख्यालय मेड़ता सिटी में प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री महेंद्र पारीक के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। साथ में उमाशंकर व्यास, दिनेश शर्मा, जयचंद दाधीच, योगेश शर्मा, गणेशदास वैष्णव आदि अध्यापक उपस्थित रहे। पारीक ने बताया कि राज्य सरकार स्तर से एवं सक्षम स्तर पर समय-समय पर जारी आदेशों/निर्देशों एवं आरपीएससी द्वारा बार-बार डीपीसी (पदोन्नति) हेतु तिथि निर्धारण के बाद भी संस्कृत शिक्षा विभाग में विभिन्न संवर्गों की पदोन्नतियां लंबे समय से लंबित चल रही है। वहीं सामान्य शिक्षा में अनवरत पदोन्नतियां हो रही है। जिसके चलते संस्कृत शिक्षा विभाग के शिक्षकों में भारी असंतोष एवं आक्रोश व्याप्त है।सभी विभागों में पदोन्नति के स्वीकृत पदों पर संबंधित सेवा नियमों के अनुसार प्रतिवर्ष रिक्तियों के आधार पर डीपीसी की बैठक कर पदोन्नति देने का प्रावधान है। कार्मिक विभाग की ओर से समय-समय पर इसके निर्देश भी जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद भी संस्कृत शिक्षा विभाग में विभिन्न संवर्गो की वर्ष 2023-24 और इससे पूर्व के सालों की पदोन्नतियां लंबित हैं।

संगठन को मिली जानकारी के अनुसार कई बार आरपीएससी से तिथि निर्धारित होने के बावजूद विभाग द्वारा लंबे समय से पदोन्नतियां नहीं की जा रही है। वहीं सभी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बावजूद भी विभाग द्वारा पदोन्नतियों के नाम पर शिक्षकों से हर बार संतान संबंधी घोषणा-पत्र एवं वार्षिक कार्य मूल्यांकन तो मंगवाए जाते हैं। लेकिन पदोन्नतियां नहीं की जाती यह दुर्भाग्यपूर्ण है। पदोन्नतियां लम्बे समय से लम्बित होने के पीछे क्या कारण रहे ? इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए एवं उनसे पूछा जाना चाहिए कि ऐसे क्या कारण रहे की राज्य सरकार के चाहने,कार्मिक विभाग के साथ ही सक्षम स्तर से जारी निर्देशों एवं बार-बार आरपीएससी द्वारा पदोन्नति हेतु तिथि निर्धारण के बाद भी पदोन्नतियां लम्बित रही।
आखिर किसकी उदासीनता या लापरवाही का खामियाजा संस्कृत शिक्षा विभाग के शिक्षक भुगत रहे हैं ? कितनी बार आरपीएससी से डेट मिली व कितनी बार डीपीसी हुई ? कितनी बार बिना किसी ठोस कारण से डीपीसी लम्बित रही यह जांच का विषय है।
लंबे समय से पदोन्नतियां नहीं होने से संस्कृत शिक्षा विभाग के शिक्षक तो मानसिक वेदना झेल ही रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अपने बच्चों को संस्कृत पढ़ाने वाले अभिभावकों का भी लम्बे समय से रिक्त पदों के चलते संस्कृत विद्यालयों से मोहभंग होता जा रहा है। जिसके चलते प्रदेश के संस्कृत विद्यालयों में लगातार नामांकन में गिरावट आ रही है।
संगठन आपसे मांग करता हुआ विनम्र आग्रह करता है कि राज्य सरकार की पदोन्नति के प्रति सकारात्मक मानसिकता,समय समय पर कार्मिक विभाग,सक्षम स्तर से जारी आदेश/निर्देश के विपरीत एवं आरपीएससी से कई बार पदोन्नतियों हेतु तिथि निर्धारित होने के बाद भी संस्कृत शिक्षा विभाग में लंबे समय से विभिन्न संवर्गो की पदोन्नतियां लम्बित होने के पीछे रहे कारणों की जाँच करवाकर समुचित कार्यवाही करें। एवं तत्काल प्रभाव से सभी संवर्गो की लम्बित पदोन्नतियां 2023-24 तक करवाने के साथ ही सीधी भर्ती के माध्यम से समस्त रिक्त पदों की पूर्ति करवाने की कृपा करें। ताकि रिक्त पदों के चलते लगातार घट रहे नामांकन पर अंकुश लग सके व प्रदेश के संस्कृत विद्यालयों में आशानुकूल नामांकन वृद्धि हो सके।

इनका कहना ????????
हम राज्य सरकार से विनम्र आग्रह करते है कि संस्कृत शिक्षा विभाग में लंबे समय तक विभिन्न संवर्गों की पदोन्नतियां लम्बित होने के पीछे रहे कारणों की जांच करवाकर समुचित कार्यवाही करें।
– महेंद्र पारीक
प्रदेश कोषाध्यक्ष
रा.सं.शि.वि.शि.वी

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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