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सीपी जोशी का एक साल रहा बेमिसाल, प्रदेशाध्यक्ष के नेतृत्व में खिला मरुधरा में कमल, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी अपने पद पर एक साल पूरा कर लेंगे. बीता 1 साल उनके लिए किसी चमत्कारिक प्रदर्शन से काम नहीं रहा. युवा पंक्ति के इस नेता पर जब पीएम नरेंद्र मोदी ,अमित शाह और जेपी नड्डा ने भरोसा जताया था तब किसी ने ये सोचा नहीं था कि सीपी जोशी के नेतृत्व में राज्य बीजेपी राजस्थान में कमल खिला देगी वो भी अनुभवी सरकार को हरा कर. लेकिन जैसे भाग्य ने सीपी जोशी का साथ दिया और चितौड़ के इस सांसद ने कीर्तिमान रच दिया अनुभवी गहलोत सरकार को सत्ता से बाहर कर. राज्य में भजन लाल शर्मा सरकार के निर्माण में मील का पत्थर साबित हुए. अब जोशी की अगुवाई में ही राजस्थान भाजपा लोकसभा की 25सीटों पर मिशन 25 की रणनीति बना रही है. आलाकमान ने जोशी पर लोकसभा चुनावों में भी भरोसा जताया है.

राजस्थान में जब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के पद पर सीपी जोशी को नियुक्त किया गया था तब पार्टी के आंतरिक हालात अच्छे नही थे. सतीश पूनिया जैसे अनुभवी नेता को हटाकर सीपी जोशी को जब लाया गया तब पार्टी का एक ग्रुप खुश नही था. सीपी जोशी के सामने विधानसाभा चुनाव और दूसरी तरफ गुटों में बटी बीजेपी को एकजुट करना जोशी के लिए बड़ी चुनौती थी. लेकिन जोशी अपने सहज स्वभाव और सबका साथ विजन के साथ आगे बढ़े और मरुधरा में चुनावी वैतरणी को पार करते हुए कमल खिला दिया. राजस्थान में भजन लाल शर्मा सरकार के निर्माण में सीपी जोशी मील का पत्थर साबित हुए. जोशी को जीत के बाद साधुवाद मिला पीएम नरेंद्र मोदी का, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का

बीजेपी प्रदेशजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी के अध्यक्षीय कार्यकाल का 1 साल पूरा होने जा रहा है. 23 मार्च को सीपी जोशी को बीजेपी आलाकमान ने राजस्थान की कमान सौंपी थी. जोशी ने सबका साथ विजन को लेकर पार्टी को विपक्ष से सत्ता के शिखर पर पहुंचाया.

बीजेपी आलाकमान ने 23 मार्च 2023 को सतीश पूनियां को हटाकर जोशी को राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया. 27 मार्च को पदभार संभालने के दौरान ही सीपी जोशी ने मंच से कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र फूंक दिया. पार्टी में गुटबाजी को खत्म करने के लिए जोशी ने पदभार के दौरान मंच से ही कार्यकर्ताओं से आहवान किया की अब नारे सीपी जोशी के नहीं सिर्फ पीएम मोदी और भाजपा के लगेंगे. विधानसभा चुनावों में मोदी सरकार की उपलब्धियों के सहारें चुनावी रण में उतरेंगे. साथ ही जोशी ने संकल्प लिया की प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद ही सांफा पहनेंगे. नतीजा यह रहा की 3 दिसंबर 2023 राजसथान में कांग्रेस की गहलोत सरकार को उखाड़कर 115 सीटों के साथ कमल खिला दिया.

सीपी जोशी के नेत्तृव में राजस्थान में भाजपा की सरकार बनते ही भजनलाल शर्मा प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. सियासी समिकरण ऐसे बने की सत्ता और संगठन के प्रमुख पदों पर एक ही वर्ग से आने पर सीपी जोशी को बदलने की अटकले जोर पकड़ने लगी. सीपी जोशी की कुशल सगंठनात्मक कार्यशैली से पीएम मोदी और अमित शाह खासे प्रभावित रहे, यही कारण है की हाल ही में सीपी जोशी की टीम की घोषणा से साफ संकेत दिए की 2024 का लोकसभा का चुनावी रण सीपी जोशी के नेत्तृव में लड़ा जाएगा. विधानसभा चुनावों की जीत के साथ ही जोशी लोकसभा चुनावों के रण में उतर चुके है. यही कारण है की राजस्थान में सत्ता और संगठन एक साथ कदमताल करते नजर आ रहे है. जबकि राजनीतिक दलों के अंदर कई बार सत्ता और संगठन में तालमेल का अभाव देखने को मिलता है. सीएम भजन लाल शर्मा का पूरा सहयोग सीपी जोशी को मिल रहा है कारण साफ है भजन लाल शर्मा खुद संगठन से निकले नेता है.

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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