सीरियल बम ब्लास्ट मामले में टाडा कोर्ट से बरी होने के बाद अब्दुल करीम टुंडा और उसके साथी हमीदुद्दीन को अजमेर सेंट्रल जेल से दूसरी जेलों में शिफ्ट करने के लिए जेल प्रशासन को हवाई यात्रा की मंजूरी नहीं मिली है। 90 साल के टुंडा के खिलाफ गाजियाबाद में एक अन्य मामला विचाराधील है लेकिन सड़क मार्ग से ले जाना भी जोखिम से कम नहीं है। वहीं चुनाव के कारण पर्याप्त पुलिस जाप्ता भी नहीं मिल रहा है।
अजमेर की टाडा कोर्ट से दो महीने पहले टुंडा को बरी किया गया था। उसके खिलाफ गाजियाबाद में एक अन्य मामला विचाराधीन है इसलिए उसे दासना जेल शिफ्ट किया जाना है। इसी तरह आरोपी हमीमुद्दीन के खिलाफ भी लखनऊ में मुकदमा विचाराधीन है, उसे भी लखनऊ जेल में शिफ्ट किया जाना है लेकिन सुरक्षा कारणों को देखते हुए हवाई यात्रा की मंजूरी नहीं मिली है।
वहीं सेंट्रल जेल में टुंडा का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है। उसे चेकअप के लिए जेएलएन अस्पताल लाने-ले जाने में भी पुलिस का भारी जाप्ता लगाया जाता है। जेल अधीक्षक अंतेश्वरम के अनुसार कैदियों को शिफ्ट करने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। सीबीआई ने टुंडा को बरी किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।






