Home » राजस्थान » पुलिस से बचने 2000 KM बाइक चलाकर असम पहुंचा हिस्ट्रीशीटर:डेढ़ साल से डिब्रूगढ़​​​​​​​ में बैठकर राजस्थान में गैंग चलाता रहा; क्यूआर कोड भेजकर रुपए वसूलता था

पुलिस से बचने 2000 KM बाइक चलाकर असम पहुंचा हिस्ट्रीशीटर:डेढ़ साल से डिब्रूगढ़​​​​​​​ में बैठकर राजस्थान में गैंग चलाता रहा; क्यूआर कोड भेजकर रुपए वसूलता था

जयपुर पुलिस की गिरफ्त में आया 1.25 लाख रुपए का इनामी हिस्ट्रीशीटर राकेश यादव (32) पिछले डेढ़ साल से डिब्रूगढ़ (असम) में छिपा था। डिब्रूगढ़ में बैठकर राजस्थान में अपनी गैंग चला रहा था। इंटरनेट कॉलिंग के जरिए व्यापारियों को धमका कर रुपए वसूलता था।

जांच में सामने आया कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए जयपुर से असम करीब 2 हजार किलोमीटर बाइक चलाकर पहुंचा था। इसके बाद वहीं हुलिया बदलकर रहने लगा। किराए पर लिए बैंक अकाउंट के क्यूआर कोड भेजकर रंगदारी की रकम मंगवाकर शौक पूरे करता था। पुलिस से बचने के लिए यूट्यूब देखकर नए-नए तरीके सीखता था।

DCP (नॉर्थ) राशि डोगरा डूडी ने बताया- श्रीमाधोपुर थाने के हिस्ट्रीशीटर राकेश यादव पुत्र बनवारी लाल निवासी गांव लिसाडिया श्रीमाधोपुर (नीमकाथाना) को अरेस्ट किया गया है। उसके खिलाफ राजस्थान में मर्डर सहित रंगदारी मांगने के 23 केस दर्ज हैं। करीब डेढ़ साल से पुलिस की पकड़ से दूर होने के कारण पुलिस मुख्यालय की ओर से अप्रैल-2024 में 1.25 लाख का इनाम रखा गया था।

असम में छिपकर काट रहा था फरारी
राशि डोगरा डूडी ने बताया- करीब डेढ़ साल पहले जयपुर में एक बिजनेसमैन को रंगदारी के लिए धमकाया। पुलिस की छापेमारी को देखकर बचने के लिए वह राजस्थान से बाहर निकल गया। फरारी काटने के लिए उसे असम सबसे अच्छी जगह लगी। वह बाइक से राजस्थान से 2 हजार किलोमीटर दूर असम जा पहुंचा। फिर असम में हुलिया और नाम-पता छिपाकर रहने लगा।

असम से ऑपरेट करने लगा गैंग
एडिशनल डीसीपी बजरंग सिंह ने बताया- राजस्थान से भागने के बाद हिस्ट्रीशीटर राकेश यादव ने असम में बैठकर रंगदारी मांगने का खेल शुरू कर दिया। राजस्थान के व्यापारियों से रोज इंटरनेट कॉलिंग और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम) के जरिए करोड़ों रुपए की रंगदारी मांगने लगा। रंगदारी नहीं देने पर अपनी गैंग के गुर्गों को भेजकर फायरिंग करवाकर दहशत फैलाने लगा। रंगदारी वसूलने के लिए उसने कई लोगों पर जानलेवा हमले भी करवाए। राजस्थान में दहशत फैलाकर व्यापारियों से करोड़ों रुपए की रंगदारी वसूल ली।

गुर्गों से मंगवाता रंगदारी की रकम
राजस्थान में वसूली गई रंगदारी मिलने के बाद राकेश अपने गुर्गों को कॉल करता था। कुछ हिस्सा गुर्गों को देने के बाद बाकी रंगदारी की रकम क्यूआर कोड भेजकर मंगवाता था। इन क्यूआर कोड के बैंक अकाउंट अनजान लोगों के नाम पर होते थे। जो किराए पर लेता था। एक बार यूज किए बैंक अकाउंट को दोबारा पैसे मंगवाने के लिए उपयोग में नहीं लेता था।

20 किलोमीटर दूर जाकर रंगदारी के लिए करता कॉल
SHO (विद्याधर नगर) राकेश ख्यालिया ने बताया- राकेश यादव बहुत ही शातिर बदमाश है। उसकी गूगल हिस्ट्री चेक करने पर सामने आया है कि फरारी के दौरान उसने गूगल पर पुलिस से बचने के कई तरीके देखे। पुलिस की पकड़ में नहीं आए, इसलिए यूट्यूब पर वीडियो भी देखे।

राकेश ख्यालिया ने बताया- सस्ते सेकेंड हैंड मोबाइल और फर्जी सिम कार्ड यूज करता था। असम में जहां रह रहा था, वहां से 20 किलोमीटर दूर जाकर रंगदारी के लिए इंटरनेट कॉल करता था। इंटरनेट कॉलिंग के लिए दूसरे का वाई-फाई इस्तेमाल करता था। रंगदारी मांगने के तुरंत बाद मोबाइल को स्विच ऑफ कर देता था। 2-3 दिन में काम पूरा होने पर सिम कार्ड और मोबाइल को तोड़कर फेंक देता था।

ऐसे पकड़ा गया बदमाश
जयपुर पुलिस की टीम पिछले एक महीने से बदमाश राकेश यादव को ट्रेस कर रही थी। पुलिस को असम में उसकी बाइक और बदले हुए हुलिए की फुटेज मिल गई थी। सूचना पुख्ता होने पर उसके मोबाइल की डीवीआर निकाली गई। 11 मई को ट्रेस करते हुए 4 पुलिसकर्मियों की टीम असम जा पहुंची।

13 मई की शाम करीब 6 बजे असम के डिब्रूगढ़ में उसके ठिकाने पर दबिश देकर पकड़ लिया। रात करीब 10 बजे पुलिस टीम आरोपी को ट्रेन से दिल्ली लेकर रवाना हुई। 15 मई की शाम करीब 6 बजे दिल्ली पहुंचे। विरोधी गैंग से बचाने के लिए हथियारों से लैस तीन पुलिसकर्मियों की एक टीम जयपुर से दिल्ली भेजी गई थी। शाम 6 बजे दिल्ली पहुंचते ही गाड़ी में बैठाकर सातों पुलिसकर्मी जयपुर के लिए रवाना हो गए।

पुलिसकर्मी के सीने में मारी गोली
रात करीब 12:30 बजे दौलतपुरा पुलिया के पास पहुंचने पर बदमाश राकेश ने टॉयलेट का बहना बनाया। गाड़ी से नीचे उतार कर टॉयलेट करवाने के बाद पुलिसकर्मी उसे दोबारा बैठा रहे थे। इसी दौरान बदमाश राकेश ने SI हरिराम की पिस्टल छीनकर फायर किया। नीचे झुकने से वह बाल-बाल बच गए। दूसरा फायर बदमाश राकेश ने हेड कॉन्स्टेबल महेश कुमार पर किया। गोली सीधे उसके सीने पर मारी गई, लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण हेड कॉन्स्टेबल महेश की जान बच गई।

2 किलोमीटर पीछा कर पकड़ा
दो राउंड फायर कर बदमाश राकेश यादव भाग निकला। पुलिसकर्मियों ने उसको पकड़ने के लिए पीछा भी किया। करीब 2 किलोमीटर पीछा करने के बाद पुलिस की ओर से दो फायर किए गए। पैर में गोली लगने से राकेश लहूलुहान होकर नीचे गिर पड़ा। पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ तुरंत इलाज के लिए SMS हॉस्पिटल में भर्ती करवाया।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

0
0

RELATED LATEST NEWS

infoverse academy

Top Headlines

कृषि भूमि पर बिना जेडीए (JDA) अनुमति अवैध कॉलोनी ‘कौशल्या’ का विस्तार, प्रशासन बेखबर

सांभरिया रोड पर जीता वाला पुलिया के पास अवैध कॉलोनी ‘कौशल्या’ पर धड़ल्ले से प्लॉटिंग, प्रशासन मौन न्यूज इन राजस्थान