वनरक्षक भर्ती-2020 के पेपर लीक मामले में SOG ने मास्टरमाइंड हरीश सहारण उर्फ हीराराम को इंदौर से गिरफ्तार किया है। बाड़मेर का रहने वाला हरीश पिछले 8 महीने से फरार चल रहा था। बांसवाड़ा पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।
वनरक्षक भर्ती-2020 में 2 पारियों में परीक्षा हुई थी। हरीश बाड़मेर से पेपर लेकर आया था। परीक्षा की दोनों पारियों से दो-दो घंटे पहले अभ्यर्थियों को मोबाइल पर पेपर भेज दिया गया था। इसके बाद बांसवाड़ा में अलग-अलग घरों पर उत्तर रटवाए गए थे।
मास्टरमाइंड हरीश के साथ डूंगरपुर के चीखली गांव का JEN अभिमन्युसिंह चौहान भी साजिश में शामिल था। जिन लोगों को उत्तर रटाए थे, उनमें से एक दंपती समेत 5 को नौकरी भी मिल गई। पेपर के बदले अभ्यर्थियों से 8-8 लाख रुपए लिए गए थे। SOG अब बांसवाड़ा में हरीश से पूछताछ करेगी। मामले में अन्य लोगों की भी संलिप्तता की जांच की जा रही है।

4 पॉइंट में समझिए पूरा मामला
1. अब तक की कार्रवाई पुलिस और SOG ने इस मामले में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 6 वनरक्षक और 5 एजेंट शामिल हैं। गिरफ्तार लोगों में 3 दंपती, दो शिक्षक और एक JEN भी है। पुलिस ने इस केस में 15 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कर रखा है।
2. पेपर लीक का तरीका वनरक्षक भर्ती परीक्षा 13 नवंबर 2022 को हुई थी। हरीश बाड़मेर से पेपर लेकर आया था। दोनों पारियों की परीक्षा से दो-दो घंटे पहले अभ्यर्थियों को मोबाइल पर पेपर भेज दिया गया। बांसवाड़ा में अलग-अलग दो घरों पर उत्तर रटवाए गए। प्रति अभ्यर्थी 8-8 लाख रुपए का सौदा हुआ था।

3. साजिश में शामिल लोग मास्टरमाइंड हरीश के साथ डूंगरपुर के चीखली गांव का JEN अभिमन्युसिंह चौहान भी साजिश में शामिल था। जिन लोगों को उत्तर रटाए थे, उनमें से एक दंपती समेत 5 को नौकरी भी मिल गई। पुलिस ने गड़बड़ी की जांच की तो गिरफ्तार आरोपी प्रवीण मालवीया ने वनरक्षक पेपर लीक होने की जानकारी दी थी।
4. आगे की कार्रवाई हरीश का नेटवर्क प्रदेश के कई जिलों में फैला हुआ है। SOG की टीम बांसवाड़ा पहुंच चुकी है और विस्तृत पूछताछ करेगी। मामले में कई और खुलासे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।






