जयपुर जंक्शन से 4 साल के मासूम बच्चे को चुराने वाले प्रेमी-प्रेमिका ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बच्चा चोरी की पूरी साजिश 8वीं पास आरोपी महिला ने ही रची थी। 28 वर्षीय महिला पहले से शादीशुदा है और दो बच्चों की मां है। लेकिन अपने पति को छोड़कर प्रेमी के साथ लिव इन में रह रही थी। नसबंदी होने के कारण दोबारा मां नहीं बन सकती थी। इसलिए प्रेमी को खुश करने के लिए रेलवे स्टेशन से चुराने की साजिश रची थी।
चौंकाने वाली बात यह भी है कि महज 6 साल की उम्र में खुद महिला का भी किसी ने अपहरण कर लिया था। उसका बचपन गांधी नगर के बालिका गृह में बीता। खुद माता-पिता से दूर रहने के बावजूद वो एक मां का दर्द नहीं समझी और एक मां से उसके बेटे को अलग करने की साजिश रच डाली।
क्या था पूरा मामला और पुलिस ने आरोपी प्रेमी जोड़े को कैसे पकड़ा? इस खबर में जानिए 4 साल के मासूम को लेकर चलाए गए सर्च अभियान के 72 घंटों की सिलसिलेवार कहानी…
बालिका गृह में बचपन और महिला सदन से हुई शादी
जीआरपी, जयपुर जंक्शन थाना प्रभारी अरुण चौधरी ने बताया कि महिला जीविका (28) को 6 साल की उम्र में अज्ञात व्यक्ति उसके परिजनों के पास से उठाकर ले गया था। इसके बाद से वह जयपुर के बालिका गृह में रही। आठवीं कक्षा तक पढ़ी। 19 साल की होने पर 18 मई 2015 को सरकार की ओर से कराए गए सामूहिक विवाह सम्मेलन में उसकी शादी सीकर के देवीलाल के साथ हुई।

2 बच्चों और पूर्व पति को छोड़ा, लिवइन में रही
जीविका का पति देवीलाल खेती बाड़ी करता है। लेकिन इसके बाद महिला को देवीलाल का खेतीबाड़ी करना अखरने लगा। संयुक्त परिवार में रहने के कारण जीविका को पारिवारिक जिम्मेदारी और बंदिशें भी अखरने लगी थी। आखिरकार उसने 2021 में ही पति को छोड़ दिया।
उसके दो बच्चे हैं, बेटे की उम्र 8 साल और बेटी की उम्र 5 साल है। देवीलाल ने दोनों बच्चों को उसे सौंपने से इनकार कर दिया। इसके बाद से वह जयपुर में अकेली रह रही थी। जयपुर जंक्शन पर मजदूरी का काम करने लगी। यहीं पर उसकी मुलाकात सुंदर कश्यप से सालभर पहले हुई। दोनों में प्यार हो गया और लिवइन में सुंदर के घर पर ही रहने लगे।

नसबंदी के कारण नहीं बन सकती थी मां, झगड़े बढ़े तो रची साजिश
जीविका ने पहले पति से हुए दो बच्चों के बाद नसबंदी करवा ली थी। उसने ये बात सुंदर को नहीं बताई थी। इसके कारण वो मां नहीं बन पा रही थी। लेकिन सुंदर व उसकी मां दोनों संतान चाहते थे। लिवइन में रहने के 3 महीने बाद ही बच्चे को लेकर दोनों में अनबन होने लगी।
डॉक्टर से नसबंदी खुलवाने की कोशिश की लेकिन बच्चा नहीं हुआ। सुंदर जीविका पर पहले पति के पास से उसके बेटे को लाने का दबाव बना रहा था। इस पर जीविका ने जंक्शन से किसी का बच्चा चोरी करने की साजिश रची। इसमें सुंदर को भी शामिल किया। दोनों 14 मार्च को बच्चा चोरी करने जयपुर जंक्शन पहुंचे। पहले भी इन्होंने एक अन्य बच्चे के अपहरण की कोशिश की थी लेकिन सफल नहीं हो सके।
अब जानिए कैसे 72 घंटे में पकड़े गए दोनों आरोपी?
14 मार्च : स्टेशन पर 8 घंटे इंतजार के बाद की वारदात
आरोपी महिला 14 मार्च शाम को 3.42 मिनट पर जंक्शन पहुंची। आठ घंटे तक रेलवे स्टेशन पर इधर-उधर भटकने के बावजूद इन्हें कोई बच्चा परिजनों के बिना नहीं मिला।

अकेली महिला के साथ तीन बच्चों को देखा तो उसका पीछा करना शुरू कर दिया।

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनकी नजर महिला के 4 साल के बच्चे पर थी। वे मां का बच्चों से अलग होने का इंतजार कर रहे थे।

रात 10:48 पर चोरी किया बच्चा
तीन बच्चों के साथ आई महिला अपने पति से अनबन के बाद बिहार के सिवान में अपने पीहर जाने के लिए आई थी। पौने ग्यारह बजे वो अपनी दोनों बेटियों और मासूम बच्चे को छोड़कर मोबाइल रिचार्ज करने चली गई।

युवक भी स्टेशन पर बिछाई अपनी चादर और कपड़े समेटकर महिला के पीछे-पीछे बाहर जाता नजर आया।

होटल के सीसीटीवी कैमरों में आए नजर
ऑटो के चालक से नारायण सिंह सर्किल चलने को कहा। मना करने पर दोनों पैदल ही होटल राजपुताना शेरेटन से होते हुए भागे।

इधर, बेटे के नहीं मिलने पर पीड़ित महिला ने अपने पति और जीआरपी को सूचना दी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों को तलाश शुरू की। लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं लगा।
रात 11:55 पर नारायण सिंह सर्किल पर बैठे दिखे
अभय कमांड सेंटर की मदद से शहरभर के सीसीटीवी पर नजर रखी गई। अमरापुर तिराहे पर ऑटो लगाने वाले एक ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि उसने संदिग्ध युवक-महिला और एक बच्चे को नारायण सिंह सर्किल छोड़ा है।

नारायण सिंह सर्किल पर एक ज्वेलरी शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे में दोनों रात को 11 बजकर 55 मिनट पर बैठे हुए नजर आए। लेकिन एक बस मे बैठकर रवाना हो गए। उस बस के नंबर सीसीटीवी कैमरे में कैद नहीं हुए।
15 मार्च: बस के लोगो से हुई पहचान, टोल प्लाजा से निकाली डिटेल

पुलिस ने बस नंबरों के आधार पर कंडक्टर के मोबाइल नंबर लिए। कंडक्टर ने बताया कि उसने एक दंपत्ति को बच्चे के साथ महुआ बस स्टैंड पर उतारा है। जीआरपी पुलिस महुआ पहुंची।
16 मार्च: टिकट का ऑनलाइन पेमेंट कराना पड़ा भारी
दौसा अभय कमांड सेंटर से एक कैमरे में दोनों बस से उतरते हुए नजर आए।

इस पर पुलिस ने लखनऊ डिपो कार्यालय से संपर्क कर इसकी डिटेल मंगाई। जहां से आरोपी का मोबाइल नंबर मिला। पुलिस ने उस मोबाइल नंबर की लोकेशन को ट्रेस कर लिया।

17 मार्च: शाम 3:30 बजे दोनों गिरफ्तार, बालक सकुशल मुक्त
आरोपी के मोबाइल की लाइव लोकेशन अलवर जिले के खेड़ली थाना इलाके के समूची गांव में आ रही थी। इस पर स्थानीय पुलिस थाने की मदद से जीआरपी की एक टीम समूची गांव पहुंची। पुलिस बच्चे को सकुशल बरामद करना चाहती थी। इसलिए एहतियात के साथ आगे बढ़ रही थी। पुलिस ने एक मकान से 28 वर्षीय जीविका और करौली निवासी उसके प्रेमी सुंदर कश्यप (28) को गिरफ्तार किया। इनके पास से 4 साल के बच्चे को भी सकुशल मुक्त कराया।
आरोपी सुंदर की बहन खेड़ली के समूची गांव में रहती है। आरोपी बच्चा चोरी करने के बाद अपनी प्रेमिका जीविका के साथ वहीं गया था। सुंदर ने अपनी बहन को बताया कि ये बच्चा जीविका का ही है। जिसे वह अपने पूर्व पति से लेकर आई है।





